नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने भगोड़े दाऊद इब्राहिम की मां अमीना बी कासकर और बहन हसीना पारकर की मुंबई में संपत्तियां कुर्क करने की सरकारी कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका आज खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए.एम. सप्रे ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये संपत्तियां दाऊद इब्राहिम की हैं।
दाऊद की मां अमीना बी कासकर और बहन हसीना पारकर ने मुंबई स्थित अपनी आवासीय संपत्तियों के कुर्की आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि अमीना बी कासकर और हसीना पारकर दोनों की मौत हो चुकी है। मुंबई में दोनों के नाम से सात आवासीय संपत्ति है। इनमें से दो अमीना बी जबकि पांच हसीना पारकर के नाम पर है। करोड़ों रुपये की कीमत वाली यह संपत्तियां कथित रूप से दाऊद इब्राहिम द्वारा गलत तरीके से कमाये गये धन से अर्जित की गयी हैं।
दोनों महिलाओं ने संपत्ति कुर्की मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने स्मगलर्स और विदेशी मुद्रा मैनिपुलेटर्स ( संपत्ति जब्त ) अधिनियम , 1976 (सैफेमा) के तहत दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में में उनकी संपत्तियां जब्त करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि उन्हें कुर्की का नोटिस सही तरीके से नहीं मिला था और उन्हें नये सिरे से संपत्तियां जब्त करने के नोटिस को चुनौती देने का अवसर दिया जाना चाहिए।
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