नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी स्कूलों की पहचान शिक्षा निदेशालय के नाम से नहीं, बल्कि उस स्कूल के प्रधानचार्य के नाम से पहचान होनी चाहिए। यह कहना है उपमुख्यमंत्री आैर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का। गुरुवार को विज्ञान भवन में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ संवाद कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय का काम सुविधाएं मुहैया कराना है। स्कूल चलाने का काम सही मायने में प्रधानाचार्यों का है।
उन्होंने कहा कि स्कूल चलाने के तरीके लिए लिए सर्कुलर जारी नहीं होगा, इसके लिए कुछ चीजें व्यवहार में लानी होंगी। मैं चाहता हूं कि शिक्षा निदेशालय की सहायता से स्कूलों के प्रधानाचार्य, स्कूल मैनेजमेंट कमेटीज के साथ मिलकर स्कूलों को चलाने की जिम्मेदारी लें। सिसोदिया ने कहा कि हम चाहते हैं कि आपको बेहतर से बेहतर सुविधाएं दे सकें। बेहतरीन ट्रेनिंग दे सकें। इसके लिए बेहतरीन माहौल दे सकें। विज्ञान भवन में प्रधानाचार्यों की ट्रेनिंग इसी दिशा में एक पहल है।
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