नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल ने अनधिकृत कॉलोनी में रहने वाले 40 लाख लोगों के मकानों को मालिकाना हक देने के लिए मोदी सरकार जो बिल ला रही है उस पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा की इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के जिन मकानों पर सीलिंग के ऑर्डर और जो मकान अवैध निर्माण के कारण बुक किए हुए थे। इस बिल के पारित होने के बाद ये सारे सीलिंग के ऑर्डर समाप्त हो जाएंगे।
गोयल ने कहा कि केजरीवाल सरकार को शर्म आनी चाहिए कि वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। जिस बिल से लोगों को न केवल कागजात पक्के हो जाएंगे, बल्कि इन कॉलोनियों में गरीब और मध्यम-वर्गीय लोगों को लाखों रुपए का फायदा भी मोदी सरकार ने करा दिया है। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल रजिस्ट्री-रजिस्ट्री चिल्ला रहे हैं, वे ये नहीं जानते कि रजिस्ट्री इन्ही कागजों के कारण होगी जिन्हें मोदी सरकार पक्का कर रही है और ये भी व्यवस्था की है कि रजिस्ट्री का शुल्क भी मामूली रहेगा।
गोयल ने कहा कि 16 दिसंबर से इन मकानों का मालिकाना हक देने के लिए पोर्टल ‘पीएम-उदय’ खुल जाएगा’ जिस पर लोग साइन-अप कर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए डीडीए पांच एजेंसी नियुक्त कर रहा है और जगह जगह पर डीडीए द्वारा हेल्पलाइन सेंटर खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को बिल का असली मकसद मालूम ही नहीं है कि लोगों के लाखों रुपए जो मोदी सरकार ने माफ कर दिए हैं। उसके लिए इनकम टैक्स या स्टाम्प डिपार्टमेंट तंग न करे उसका पक्का काम करने के लिए ये बिल लाया गया है।


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