कांवड़ियों के लिए सेवा का केंद्र बना सीलमपुर का 42 साल पुराना पहला कांवड़ शिविर

Summary :

Kanwar Yatra 2026 : सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। ऐसे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर स्थित धर्मपुरा रेड लाइट पर लगाया गया 42 वर्ष पुराना कांवड़ शिविर श्रद्धालुओं के लिए सेवा और समर्पण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। ‘लाला मुरलीधर कांवड़ शिविर’ के नाम से प्रसिद्ध इस शिविर में रोजाना हजारों कांवड़ियों को भोजन, चिकित्सा, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर के संचालन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक दिन-रात जुटे हुए हैं, जिससे शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना…

Kanwar Yatra 2026 : सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। ऐसे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर स्थित धर्मपुरा रेड लाइट पर लगाया गया 42 वर्ष पुराना कांवड़ शिविर श्रद्धालुओं के लिए सेवा और समर्पण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। ‘लाला मुरलीधर कांवड़ शिविर’ के नाम से प्रसिद्ध इस शिविर में रोजाना हजारों कांवड़ियों को भोजन, चिकित्सा, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर के संचालन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक दिन-रात जुटे हुए हैं, जिससे शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कांवड़ सेवा समिति के सदस्यों के अनुसार, यह दिल्ली के सबसे पुराने कांवड़ शिविरों में से एक है, जिसकी शुरुआत समाजसेवी लाला मुरलीधर ने की थी। तब से हर वर्ष सावन में यहां सेवा का सिलसिला लगातार जारी है। शिविर में 24 घंटे लंगर चल रहा है, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, चाय, नाश्ता और पीने के स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम और प्राथमिक उपचार केंद्र भी बनाया गया है, जहां थकान, चोट या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का तुरंत इलाज किया जा रहा है। रात में विश्राम करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान उन्हें राहत मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस के जवान पूरे क्षेत्र में तैनात हैं और शिविर के आसपास लगातार निगरानी रखी जा रही है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के सहयोग से शिविर का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। शिविर में पहुंच रहे कई कांवड़ियों का कहना है कि यहां मिलने वाली सुविधाओं और सेवा भाव ने उनकी यात्रा को अधिक सहज और सुरक्षित बना दिया है। आयोजकों को उम्मीद है कि सावन शिवरात्रि तक हजारों और श्रद्धालु इस शिविर का लाभ उठाएंगे।

Sumant Chaudhary