उच्चतम न्यायालय राजधानी के शाहीन बाग में जारी धरना प्रदर्शन के दौरान पिछले दिनों एक नवजात की मौत मामले की सुनवाई सोमवार को करेगा।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के जरिये शुक्रवार की देर शाम इस बात की जानकारी दी गयी। न्यायालय ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में सोमवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
न्यायालय ऐसे विरोध प्रदर्शनों में नवजात के शामिल करने पर रोक को लेकर उपायों पर विचार करेगा।
इससे पहले राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार विजेता 10 वर्षीया जेन गुणारत्न सदावर्ते ने मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को पत्र लिखकर इस तरह के धरना प्रदर्शन में बच्चों को शामिल नहीं किये जाने को लेकर दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है। ज्ञातव्य है कि शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे धरने में बीते 30 जनवरी की रात चार माह के नवजात बच्चे की मौत हो गयी थी।
सदावर्ते एक बहादुर बच्ची है, जिसने इसी साल ‘राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार’ जीता है। सदावर्ते को मुंबई के क्रिस्टल टॉवर में लगी आग से 17 लोगों की जान बचाने के लिए ‘राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। जब क्रिस्टल टॉवर में आग लगी थी तब इस 10 साल की बच्ची ने बहुत हिम्मत और सूझबूझ दिखाकर 17 लोगों की जान बचाई थी।


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