Shivraj Singh Chouhan Announcements: मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव-2026 के दूसरे दिन केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के चार जिलों सीहोर, देवास, विदिशा और रायसेन का कृषि रोडमैप जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का निरीक्षण भी किया। साथ ही फसल बीमा योजना और इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों के साथ उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती को भी अपनाएं, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त हो सके। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पहुंचे, इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए कृषि विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। आगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों के लिए इसी प्रकार की योजना बनाई जाएगी।
कृषि रोडपैम का उद्देश्य
चार जिलों के कृषि रोडमैप में कृषि को अधिक लाभकारी बनाते हुए उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाना का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा पानी का संरक्षण कर जल-कुशल और जलवायु सहिष्णु खेती विकसित करना है। साथ ही फसल विविधीकरण, प्रोसेसिंग और बेहतर बाजार जुड़ाव के जरिए खेती को आधुनिक बनाना है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इसके तहत ब्लॉक स्तर पर स्थान-विशिष्ट कार्ययोजनाएं तैयार करने का प्रयास किया गया है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि को विकसित किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं, धान और सोयाबीन पर निर्भरता कम कर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
वैज्ञानिक खेती के लिए सॉयल मोबाइल एप लॉन्च
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है। अब किसान अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर खेत में खड़े होकर ही यह जान सकते हैं कि किस फसल के लिए कितनी मात्रा में खाद और उर्वरक डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी के अंधाधुंध खाद का उपयोग नुकसानदायक है। इससे न केवल किसानों की लागत बढ़ती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से तय मात्रा में खाद का उपयोग करने से किसानों का आर्थिक नुकसान कम होगा और भूमि की उर्वरता भी बनी रहेगी।
हर ब्लॉक में बनेगा बीज ग्राम
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छा बीज सबसे महत्वपूर्ण आधार है। विभिन्न फसलों, फल और सब्जियों के साथ-साथ नई संभावनाओं वाली खेती जैसे ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और ब्लूबेरी को भी रोडमैप में शामिल किया गया है। इन नई फसलों के बारे में किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि, हर ब्लॉक में कुछ गांवों को ‘बीज ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाए, जहां उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन किया जा सके। आईसीएआर इस दिशा में पूरी मदद करेगा और ब्रीडर सीड उपलब्ध कराएगा।
मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के मॉडल को बढ़ावा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता और रोगमुक्त पौध उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित कर रही है, जिसमें एक केंद्र मध्यप्रदेश में भी बनाया जा सकता है। केन्द्रीय मंत्री ने खेती में मशीनों की उपलब्धता को भी बड़ी चुनौती बताया, उन्होंने कहा कि हर किसान महंगी मशीनें खरीदने में सक्षम नहीं होता, जिससे समय पर खेती के कार्य प्रभावित होते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने ‘मशीन बैंक’ और कस्टम हायरिंग सेंटर के मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पंचायतों द्वारा मशीन बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां से किसान उचित किराए पर मशीनें ले सकते हैं। उन्होंने सरपंचों से भी इस पहल में आगे आने की अपील की और कहा कि पंचायतें खुद मशीन बैंक स्थापित कर किसानों को सस्ती और समय पर सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं।
रिपोर्ट: रीतेश मिश्रा
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