बजट पर दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि इसमें दिल्ली के हाथ खाली ही रह गए। बजट में दिल्ली के लिए 1112 करोड़ रुपये का प्रावधान तो किया गया है लेकिन इसमें 300 करोड़ की जापान की कंपनी को ऋण के दिए जाने वाली राशि भी शामिल है।
वहीं केंद्रीय कर और शुल्कों में दिल्ली सरकार की मांग के हिसाब से बदलाव नहीं किया है। मनीष सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली सरकार ने केंद्रीय करों में 6000 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, लेकिन इसके बाद भी इसे वर्ष 2001-02 के अनुरूप 375 करोड़ ही रखा गया। केंद्रीय सहायता के रूप में 472 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है।
पिछले साल की अपेक्षा इसमें केवल 22 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। पिछले बजट में यह सहायता 450 करोड़ रुपए की थी, वहीं कुल आवंटन 790 करोड़ रुपये का था। 1984 दंगा पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछली बार की तरह इस बार भी इसे 10 करोड़ ही रखा गया है। डिजास्टर के लिए दिया गया पांच करोड़ भी नाम मात्र ही है।


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