साउथ एमसीडी नहीं उठाएगी ​सरकार की सड़कों से मलबा

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साउथ एमसीडी अब दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली सड़कों से मलबा नहीं उठाएगी। सड़कें चाहें दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली पीडब्ल्यूडी की फ्लड डिपार्टमेंट की हों।

नई दिल्ली : साउथ एमसीडी अब दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली सड़कों से मलबा नहीं उठाएगी। सड़कें चाहें दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली पीडब्ल्यूडी की फ्लड डिपार्टमेंट की हों। साउथ एमसीडी साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि वह इन सड़कों से अब मलबा नहीं उठाएगी। हालांकि साउथ एमसीडी पहले की भांति इन सड़कों की सफाई जरूर करेगी।

उक्त बातें साउथ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग के दौरान चेयरपर्सन शिखा राय ने कही। राय ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वह इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल को भी पत्र लिखकर जानकारी दें। मीटिंग में चेयरपर्सन ने कहा कि हमारे पास संसाधनों की भारी कमी है। लिहाजा हम सरकार के अधीन आने वाली सड़कों से मलबा नहीं उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार की एजेंसियां हमें इसके बदले चार्ज दें तो ही साउथ एमसीडी मलबा उठाएगी। गौरतलब है कि साल 2017 के दौरान तीनों निगमों की ओर से स्पष्ट किया गया था कि दिल्ली की सड़कों पर सफाई के साथ-साथ एमसीडी मलबा भी उठाएगी।

बैट्री चालित मशीनों से होगी सफाई
साउथ एमसीडी एरिया में जल्द ही अब बैट्री चालित मशीनों से सफाई होगी। इस संबंध में ऐसी मशीनों को खरीदने पर विचार किया जा रहा है। मीटिंग में कमिश्नर पुनीत गोयल ने कहा कि एनजीटी का भी निर्देश है कि दिल्ली में नॉन पॉल्यूटेड मशीनों का इस्तेमाल किया जाए। इन मशीनों पर लगभग सौ करोड़ का खर्च आएगा। इसी तरह की मशीनों का इस्तेमाल बीजिंग में भी किया जाता है। इन मशीनों को चलाने के लिए निगम के कर्मचारियों को ही ट्रेंड किया जा सकता है।

पार्षदों ने कहा कि इसका डेमो होना चाहिए। एनडीएमसी और नॉर्थ एमसीडी की तर्ज पर अब साउथ एमसीडी भी स्मार्ट पोल्स लगाने की तैयारी में है। इस पर योजना बनाने के लिए स्टैंडिंग कमेटी चेयरपर्सन ने अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि इससे जहां साउथ एमसीडी एरिया में रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, तो वहीं निगम को भी राजस्व का लाभ मिलेगा।

Desk Team