Delhi News : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों, प्रमुख सचिवों, शहरी विकास विभाग और राज्य मिशन निदेशकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस साल यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभागी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है।
सफाई के साथ युवाओं और आम लोगों की भागीदारी पर जोर
अभियान के तहत स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) और अधिक भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों की सफाई और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और युवाओं को स्वच्छता से जोड़ने, सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान और जन भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। वहीं, कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वच्छता से समृद्धि’ पर भी काम किया जाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि राज्यों को अपने-अपने कार्यालय परिसरों, पर्यटन स्थलों और जल निकायों में विशेष सफाई अभियान चलाने चाहिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्रभावी काम और स्वच्छता के स्पष्ट परिणाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
17 सितंबर को घर से शुरू करें स्वच्छता अभियान
केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों से 17 सितंबर को अपने घरों से स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू करने की अपील की। उन्होंने लोगों से खुद अपने घरों की सफाई करने और शाम को घर में दीया जलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दीया स्वच्छ घर, स्वस्थ परिवार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होगा। साथ ही यह स्वच्छता को बनाए रखने के संकल्प को भी दर्शाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता को केवल एक महीने का अभियान नहीं, बल्कि लोगों की लगातार जिम्मेदारी और जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान उनकी सेवा भावना और स्वच्छता के संकल्प से जुड़ा है।
25 सितंबर को भी चलेंगे विशेष सफाई अभियान
मंत्री ने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर सफाई अभियान चलाए जाएं। उन्होंने राज्यों से 1 अक्टूबर को ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के तहत बड़े स्तर पर श्रमदान की तैयारी करने को कहा। शिक्षा और खेल विभागों को बड़ी संख्या में युवाओं और खिलाड़ियों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मेयरों, उप मेयरों, पार्षदों, नगर निगम आयुक्तों और स्थानीय स्तर की जानी-मानी हस्तियों से अपने क्षेत्रों में श्रमदान का नेतृत्व करने की अपील की।
आरडब्ल्यूए और रेजिडेंशियल सोसाइटियों को भी जोड़ा जाएगा
मनोहर लाल ने नगर पालिकाओं से अंतर-वार्ड और अंतर-आरडब्ल्यूए स्वच्छता प्रतियोगिताएं आयोजित करने को कहा। इसके जरिए रेजिडेंशियल सोसाइटियों और आरडब्ल्यूए को स्वच्छता अभियान में शामिल किया जाएगा। प्रमुख आरडब्ल्यूए स्थानों पर स्वच्छता से जुड़े संदेश भी लगाए जाएंगे। 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के मौके पर शहरी स्थानीय निकायों की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान और विशेष परिषद बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया जाएगा।
सफाई मित्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
बैठक में सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षा और सम्मान पर भी चर्चा हुई। सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविरों के जरिए सफाई कर्मचारियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही उनकी स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इन शिविरों का आयोजन केवल अभियान के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि सफाई कर्मचारियों को इसका लगातार लाभ मिल सके।
7 अक्टूबर को भी होंगे विशेष कार्यक्रम
मनोहर लाल ने राज्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 7 अक्टूबर को विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्वच्छता अभियान को जन भागीदारी, खेल आयोजनों, गीतों और स्वच्छता गान के जरिए लोगों तक पहुंचाने को कहा।
उन्होंने अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों की नियमित रिपोर्टिंग करने और जमीन पर उनके वास्तविक परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि 17 अक्टूबर को अभियान का औपचारिक समापन होगा, लेकिन स्वच्छता की यह मुहिम पूरे साल जारी रहनी चाहिए।


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