तेलुगू देशम पार्टी (TDP) ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन से अलग हो गई है। टीडीपी केंद्र से आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल कैटगरी स्टेटस की मांग कर रही है और इसको लेकर संसद में भी लगातार हंगामा कर रही है। इसी चीज़ से नाराज़ टीडीपी ने शुक्रवार सुबह ये बड़ा फैसला लिया। टीडीपी पिछले हफ़्ते ही केंद्र सरकार से अलग हुई थी और उसके दो मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया है।
इससे पहले कल टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार की आलोचना की थी। चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार शाम को अपने सांसदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। कुछ देर में चंद्रबाबू नायडू बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ई-मेल और फैक्स के जरिए इस बात की आधिकारिक जानकारी देंगे। आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।
वाईएसआर पार्टी के 6 सांसदों ने शुक्रवार के लिए लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस दिया है। मतलब साफ है कि अब टीडीपी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है। आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने की मांगो लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से कहा गया था कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा तो बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत तमाम राज्य ऐसी मांग कर सकते हैं।
इसके बाद आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र में शामिल अपने मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा था। यही नहीं इसके जवाब में बीजेपी ने आंध्र में अपने दो मंत्रियों के इस्तीफे सौंप दिए थे। टीडीपी के एनडीए से बाहर आने के बाद उपचुनावों में हार के चलते घिरी बीजेपी पर अब शिवसेना और अकाली दल जैसे महत्वपूर्ण सहयोगी भी दबाव बढ़ा सकते हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी संग सरकार में शामिल शिवसेना अकसर कहती रही है कि बीजेपी अहंकार का शिकार है और वह सहयोगी दलों को साथ लेकर नहीं चल रही।
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