नियम तोड़ने वालों पर ट्रैफिक पुलिस सख्त

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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली की सड़कों पर लापरवाही के चलते प्रतिदिन औसतन चार लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गवां देते हैं। लोग सड़क पर यातायात के नियमों का पाल करें तो लोगों की जानें बच जाएं। इसी उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को विभिन्न तरह से यातायात के नियमों के प्रति जागरूक कर रही है जो लोग फिर भी बाज नहीं आते ट्रैफिक पुलिस उनसे सख्ती से निपट रही है। यही वजह है कि शुरुआती साढ़े तीन महीनों में ही ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों के रिकॉर्ड तोड़ चालान किए हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक पिछले साल 15 अप्रैल तक 18 लाख 24 हजार 209 चालान किए गए थे। जबकि इस साल इसी अवधि में ट्रैफिक पुलिस ने 20 लाख 12 हजार 754 चालान काटे हैं। जोकि पिछले साल के मुकाबले 1,88,545 अधिक हैं।

19 हजार चालान काटे
आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस प्रतिदिन औसतन 19,169 चालान काट रही है। जबकि पिछले साल चालान काटने की दर प्रतिदिन 17,373 थी। यानी ट्रैफिक पुलिस पिछले साल के मुकाबले इस साल प्रतिदिन 1,796 चालान अधिक काट रही है। एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें ऊपर से सख्त निर्देश है कि किसी भी सूरत में यातायात नियम तोड़ने वालों को न छोड़ा जाए। यही वजह है कि जब पकड़े जाने पर कोई वाहन चालक शिफारशी को फोन मिलता है तो वह फोन पर किसी से बात करने से साफ इंकार कर देते हैं। फिर चाहे दूसरी तरफ महकमें का आलाधिकारी ही क्यों न हो।

हर हादसे की वजह लापरवाही…
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सड़क दुर्घटना के बाद जब पुलिस जांच करती है, तो हादसे के पीछे कोई न कोई लापरवाही सामने आती है। तफ्तीश में पता चला है कि मृतक ने हेलमेट नहीं पहना था। जिस गाड़ी ने टक्कर मारी वह काफी तेज गति में थी। चालक नशे में धुत था। टैफिक सिग्नल जंप किया था तो दूसरी तरफ से वाहन ने टक्कर मार दी। आदि कारण प्रमुख्ता से सामने आते हैं। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सड़क हादसों के लिए जो कारण सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। उन पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैदी से चालान काट रहे हैं।

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– वसीम सैफी

Desk Team