नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आंकड़ों की माने तो राजधानी में प्रति दिन करीब चार लोग सड़क दुर्घटना में दम तोड़ देते हैं। इसकी बड़ी वजह है कि दिल्लीवाले इतने संवेदनहीन हो गए हैं कि सड़क पर तड़पते हुए देखते रहते हैं, उसकी वीडियो बनाते हैं, लेकिन उसे अस्पताल तक नहीं ले जाते। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने संवेदना दिखाते हुए सड़क पर घायल पड़े एक शख्स को समय से अस्पताल पहुंचा दिया। जिसकी वजह से उसकी जान बच गई। मामला गुरुवार का है। वाड्रा की माने तो वह गुरुवार को अपने ऑफिस जाने के लिए निकले तो ओखला के पास में ही एक सड़क पर एक शख्स को तड़पते हुए देखा।
पता चला कि वह मोटरसाइकिल से कहीं जा रहा था। जिसे एक बस वाले ने टक्कर मारकर गिरा दिया। उसे गंभीर चोट लगी थी और खून बह रहा था। वहां लोग तो जमा हो गए थे, लेकिन कोई उसे उठा नहीं रहा था। ऐसे में वाड्रा ने वहां रूक कर एक ऑटो रूकवाया। लेकिन ऑटो वाले ने अकेले घायल को ले जाने से इनकार कर दिया। इस पर उन्होंने अपने एक सुरक्षाकर्मी को साथ भेजा तो एम्स ट्रामा सेंटर के इलाज के डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया।
इस पर वह खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों को समझाया और उसे भर्ती कराया। जहां अब उसकी तबियत में सुधार हो रहा है। वाड्रा के अनुसार उन्होंने रात में उस घायल शख्स की बेटी से भी बात की। जिसने बताया कि उनके सहयोग के बाद सीटी स्कैन और एमआरआई हो गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने की वजह से उसकी हालत अच्छी है। उसकी बेटी ने अस्पताल पहुंचाने के लिए वाड्रा का धन्यवाद किया है।
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