राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से दृश्यता (विज़िबिलिटी) शुक्रवार को बहुत कम हो गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार नेहरू नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 342 (‘बहुत खराब’ श्रेणी) पर है।
प्रदूषण बढ़ने की वजह से सुबह सैर करने वालों को काफी दिक्कत हो रही। एक व्यक्ति ने बताया “प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, आंखों में जलन तथा गले में खराश हो रही है। प्रदूषण हम 4-5 साल से देख रहे हैं सरकार को इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने पड़ेंगे।”

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र के नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में बरकरार रही, जबकि गुड़गांव में यह ‘खराब’ रही। एक सरकारी एजेंसी ने यह जानकारी दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के अनुसार इन पांच पड़ोसी शहरों में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे बड़े वायु प्रदूषकों की मात्रा अधिक रही।
उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ (आपात) श्रेणी में माना जाता है। बोर्ड के अनुसार सीपीसीबी के समीर ऐप पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले दिल्ली के पड़ोसी शहरों में अपराह्न चार बजे तक पिछले 24 घंटे का वायु गुणवत्ता सूचकांक गाजियाबाद में 328, ग्रेटर नोएडा में 327, नोएडा में 305, फरीदाबाद में 304, गुड़गांव में 293 दर्ज किया गया।
बुधवार को यह गाजियाबाद में 360, ग्रेटर नोएडा में 340, फरीदाबाद में 327, नोएडा में 309 और गुड़गांव में 288 था। मंगलवार तक दिल्ली के इन सभी पांच शहरों में वायु गुणवत्ता पिछले एक सप्ताह से गंभीर श्रेणी में थी। बोर्ड के अनुसार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव में पीएम 2.5 और पीएम 10 मुख्य प्रदूषक रहे हैं।


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