पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में 29 सितंबर को ‘लक्षित हमला दिवस’ (सर्जिकल स्ट्राइक) मनाने का निर्देश बीजेपी के एजेंडा का हिस्सा है और राज्य में शैक्षणिक संस्थान यह दिवस नहीं मनाएंगे। शिक्षा मंत्री चटर्जी ने बीजेपी नेतृत्व वाले केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार थल सेना की ‘छवि खराब करना और उसे राजनीतिक रंग’ देना चाहती है।
गौरतलब है कि सेना ने 29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के सात ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। यह लक्षित हमला उसी साल सितंबर में सेना के उरी स्थित शिविर में हुए हमले के जवाब में किया गया था। पार्थ चटर्जी ने कहा, ” यह बीजेपी का एजेंडा है और चुनाव से पहले वह यूजीसी का इस्तेमाल करते हुए अपने इस एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है। यह शर्म की बात है कि राजग अपने राजनीतिक एजेंडे को हासिल करने के लिए यूजीसी का इस्तेमाल कर रही है।”
पार्थ चटर्जी ने कहा, ” हमारे सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदान के नाम पर वह हमसे दिवस मनाने को कहते तो यह बात समझी जा सकती थी। हमारे मन में सैनिकों और उनके बलिदान के प्रति पूरा सम्मान है।” मंत्री ने कहा, ”सेना को हमेशा ही राजनीति और विवादों से परे रखा गया है। लेकिन हम देख रहे हैं कि भाजपा सेना की छवि खराब करने और उसे राजनीति रंग देने की कोशिश कर रही है।”


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