Delhi Municipal Council : प्रगनेश सिंह/ नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री का यह संदेश अक्सर सरकारी अभियानों और मंचों से दोहराया जाता है। लेकिन राजधानी के सबसे संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों में शामिल नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) में सामने आए एक मामले ने इस संदेश पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसद से महज डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित एनडीएमसी में एक महिला अधिकारी ने निदेशक सुनील कुमार पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगने के बावजूद अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं घटना से महिला अधिकारी इस कदर आहत हुई है कि वह पिछले करीब 20 दिनों से दफ्तर नहीं आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच कमेटी दी गई शिकायत में महिला अधिकारी ने सुनील कुमार पर गंभीर और सनसनी खेज आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि सुनील कुमार न केवल उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे बल्कि अनैतिक संबंध बनाने के लिए भी उसपर दबाव बना रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि सुनील कुमार महिला अधिकारी से आपत्ति जनक भाषा में बात करते थे और उसे अश्लील संदेश भेजा करते थे।
जांच अधिकारी पर बनाया जा रहा दबाव
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच कर रही महिला अधिकारी पर भी अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं। जांच अधिकारी का कार्यकाल आगामी 14 अगस्त को समाप्त हो रहा है। एनडीएमसी ने 23 जून को उनके सेवा विस्तार का प्रस्ताव संबंधित मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय ने 20 जुलाई को प्रस्ताव को स्वीकृति देकर फाइल वापस भी भेज दी। इसके बावजूद अब तक एक्सटेंशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
सूत्रों का दावा है कि जैसे ही जांच अधिकारी ने निदेशक सुनील कुमार के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता से जांच शुरू की, तो एनडीएमसी के दबंग नेता की नाराजगी सामने आने लगी। एनडीएमसी के दबंग नेता ने एनडीएमसी के उच्च अधिकारी को एक्सटेंशन की फाइल आगे नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए।सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि यदि 14 अगस्त तक जांच अधिकारी का कार्यकाल समाप्त हो जाता है और उनका सेवा विस्तार नहीं होता, तो पूरी जांच नए सिरे से या किसी अन्य अधिकारी को सौंपनी पड़ सकती है। इससे जांच की निरंतरता और निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। कर्मचारियों के बीच भी यह चर्चा है कि जांच अधिकारी के हटने के बाद मामले की दिशा बदल सकती है।
महिला अधिकारी ने सीएम से भी लगाई न्याय की गुहार
इस पीड़िता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी शिकायत भेजी है। इसके अलावा एनडीएमसी के चेयरमैन, सचिव, एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल, सहित दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा और नई दिल्ली से सांसद बांसूरी स्वराज को शिकायत भेजी है और मदद की गुहार लगाई है। इस मामले में पीड़िता और उसके परिवार ने त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए सुरक्षा की भी मांग की है।



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