महिला केवल बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं…

Summary :

Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष द्वारा सदन में उठाए गए विभिन्न सवालों पर करारा जवाब दिया। रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग बार-बार यह कह रहे थे कि योजना में बहुत सारी शर्तें लगाई गई हैं और दिल्ली की बहनों को इसका लाभ कैसे मिलेगा। इनमें तीन बच्चों से संबंधित शर्त का भी उल्लेख किया जा रहा था और कभी किसी का नाम लिया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी परिवार ने अपने परिवार की योजना बनानी है…

Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष द्वारा सदन में उठाए गए विभिन्न सवालों पर करारा जवाब दिया। रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग बार-बार यह कह रहे थे कि योजना में बहुत सारी शर्तें लगाई गई हैं और दिल्ली की बहनों को इसका लाभ कैसे मिलेगा। इनमें तीन बच्चों से संबंधित शर्त का भी उल्लेख किया जा रहा था और कभी किसी का नाम लिया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी परिवार ने अपने परिवार की योजना बनानी है या परिवार का विस्तार करना है तो वह किसी की इजाजत लेने के लिए बाध्य नहीं है। प्रत्येक परिवार अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार अपने परिवार की योजना बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका ध्येय स्पष्ट है कि कोई भी महिला केवल बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी संकीर्ण मानसिकता, जिसके अंतर्गत यदि किसी परिवार में बेटा नहीं है तो महिलाओं को बेटे की चाह में परिवार बढ़ाते जाने के लिए मजबूर किया जाता है, दिल्ली सरकार ऐसी किसी भी मानसिकता का समर्थन नहीं करती।

विपक्ष में जवाब सुनने का नहीं था साहस

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि जो सदस्य सामने वाली कुर्सियों पर बैठे थे और बड़ी बुलंद आवाज में दिल्ली की बहनों के हितैषी बनने का दावा कर रहे थे, उन्हें इस बात का अफसोस है कि जब उसी दिल्ली की बहनों की चर्चा सदन में हो रही थी, तब उनमें उनके जवाब सुनने का साहस नहीं था। इसी कारण वे सदन से बाहर चले गए। उनकी इच्छा थी कि एक-एक विधायक, जिन्होंने सदन में जितनी भी बातें कही हैं, वे उनका जवाब सुनकर जाते। उन्होंने विपक्ष के विधायकों को खुले तौर पर चुनौती भी दी थी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे उनका जवाब अवश्य सुनें। लेकिन उन्हें मालूम है कि उनकी बात में कहीं से कहीं तक कोई सच्चाई नहीं है, इसीलिए वे उनका जवाब सुनने के लिए सदन में रुक नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह बात आज पूरे सदन के सामने रखना चाहती हैं।

15 व 11 साल वाली सरकार ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली राज्य की अब तक की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि आज तक किसी भी सरकार ने चाहे वह 15 साल वाली सरकार रही हो या 11 साल वाली सरकार दिल्ली की किसी बहन के लिए इससे बड़ी योजना नहीं दी। यह अपने आप में ऐसी योजना है, जो दिल्ली की उन बहनों और आधी आबादी के लिए है, जो पूरा दिन अपने घर में काम करती हैं, लेकिन उनकी मेहनत की कोई आर्थिक वैल्यू नहीं आंकी जाती और उनके पास अपनी कोई वित्तीय शक्ति नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं के लिए न तो कभी कांग्रेस सरकार ने चिंता की और न ही आम आदमी पार्टी की सरकार ने कभी संज्ञान लिया। वादे बहुत किए जाते थे और बड़ी-बड़ी बातें की जाती थीं, लेकिन कभी भी दिल्ली की बहनों को इस योजना के लिए एक रुपया भी नहीं दिया गया। पहली बार किसी सरकार ने बड़ी हिम्मत के साथ इस योजना को लागू किया है। सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है और जो संकल्प लिया था, उसे धरातल पर उतारा है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना से 17 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ: रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये की बड़ी राशि दिल्ली की बहनों के लिए निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 लाख बहनों का लक्ष्य इस योजना के तहत रखा गया है। ये दिल्ली की वे 17 लाख बहनें हैं जो वास्तव में जरूरतमंद हैं और जिन्हें इस आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। पहले चरण में इस योजना को तीन वर्ष के लिए रखा गया है, ताकि पहले 17 लाख बहनों को इसका लाभ दिया जा सके। इसके बाद यदि योजना का विस्तार करना हुआ तो सरकार को इसमें कोई गुरेज नहीं होगा।

दिल्ली की जनता का पैसा दिल्ली में ही खर्च होना चाहिए: सीएम

मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा बसों में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों की महिलाओं को लेकर उठाए गए सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बहनों के लिए पिंक कार्ड बनाए जा रहे हैं। पिछली सरकार के लोग दिल्ली में रहते हुए देश की राजनीति करते थे और पूरे देश में सत्ता हासिल करने की राजनीति करते थे। वर्तमान सरकार ऐसा काम नहीं करती। उनका स्पष्ट मत है कि दिल्ली की जनता का पैसा दिल्ली में ही खर्च होना चाहिए और उसका लाभ दिल्ली के लोगों को ही मिलना चाहिए। दिल्ली के टैक्सपेयर्स के पैसे को कहीं और खर्च नहीं किया जा सकता क्योंकि दिल्ली सरकार की दिल्ली के टैक्सपेयर्स के प्रति जवाबदेही है।

विपक्षी विधायकों के आचरण पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विधानसभा में महिलाएं अपने आवेदन पर हस्ताक्षर कराने के लिए आती हैं, तब भी विधायकों को गरिमापूर्ण व्यवहार करना चाहिए। महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए विधायकों को उचित मर्यादा और शालीनता के साथ बैठना चाहिए तथा महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सदन में मौजूद सदस्यों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सदन में एक विधायक द्वारा बनाई गई सोशल मीडिया रील का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली की बहनें उनसे सवाल पूछ रही हैं कि वे इस प्रकार का व्यवहार कैसे कर सकते हैं। दिल्ली की महिलाओं के सामने इस तरह का आचरण शर्मनाक है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर दिल्ली के हजारों करोड़ रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली का पैसा और दिल्ली की जनता की मेहनत की कमाई खर्च करने के बाद अब वही लोग दिल्ली की जनता से जवाब मांग रहे हैं। सदन के भीतर जिस प्रकार के आपत्तिजनक इशारे किए जा रहे हैं, वह एक विधायक के आचरण के अनुरूप नहीं है।

महिलाओं के सम्मान को लेकर विपक्ष से मुख्यमंत्री के सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्षी सदस्य महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बहुत बातें कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने ही राजनीतिक दल से जुड़े पुराने मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती के विरुद्ध उनकी पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। उन्होंने पूर्व विधायक शरद चौहान और दिनेश मोहनिया का भी उल्लेख किया तथा कहा कि महिलाओं से संबंधित मामलों में उनके खिलाफ भी शिकायतें और एफआईआर दर्ज हुई थीं। यदि विपक्ष आज महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करता है, तो उसे इन मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों के बावजूद आज उन्हें महिलाओं की चिंता क्यों याद आ रही है।

पंजाब की महिला योजना पर मुख्यमंत्री का सवाल

मुख्यमंत्री ने पंजाब में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की हालिया घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य दावा कर रहे हैं कि महिलाओं को पैसा दिया जा चुका है, जबकि जुलाई में चुनाव से ठीक पहले योजना की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय ने इस राशि के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि यह सरकार की नहीं, बल्कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण कोष की राशि है, जिसका इस्तेमाल महिलाओं को भुगतान के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से भुगतान रुका हुआ है और माताओं-बहनों को योजना के तहत कोई राशि नहीं मिल रही।

Sumant Chaudhary