संसद मार्ग पर महिला पत्रकारों का हल्ला बोल

Summary :

महिला पत्रकारों ने कहा महिलाओं को बराबरी का हक देने की बात कही जाती है। लेकिन महिलाओं के कार्यस्थल पर उनके साथ यौन शोषण किया जाएगा तो वह कहां जाएगी।

नई दिल्ली : संसद मार्ग पर महिला पत्रकारों ने एकजुट होकर कार्य स्थल पर हो रहे यौन शोषण के खिलाफ हल्ला बोला। इस दौरान पत्रकारों ने कहा कि सोशल साइट पर चल रहे मी टू कैंपन से महिलाओं को शक्ति मिली है कि वह अपने साथ हुई यौन शोषण के खिलाफ अपनी आवाज को उठा सके। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिलाओं को पुरुष के साथ बराबरी का हक देने की बात कही जाती है। लेकिन जब महिलाओं के कार्यस्थल पर उनके साथ यौन शोषण किया जाएगा तो वह कहां जाएगी।

पत्रकार जो लोगों की समस्या को लेकर सवाल-जवाब करता है। वह अपनी समस्या को लेकर कहां जाए। क्योंकि आज भी ऑफिस के ब्यूरो ऑफिस में वह एक्ट नहीं लागू किया गया जहां महिला पत्रकार अपने साथ हो रहे यौन शोषण की शिकायत कर सके। चूंकि अब मी टू कैंपेन के तहत कुछ महिला पत्रकारों ने अपनी आवाज उठाई है तो लोगों के ताने सुनने को मिल रहे हैं।

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महिला पत्रकार के साथ यौन शोषण को लेकर मी टू कैंपेन में केंद्रीय राज्य मंत्री एमजे अकबर का नाम भी आया है। अकबर पर 10 से ज्यादा महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने उनका यौन शोषण किया है। केंद्र की मोदी सरकार बेटी-पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा देती है। महिला पत्रकारों ने मांग की है कि उन्हें मंत्रालय से तुरंत बर्खास्त किया जाए।

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