घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं का ‘बेलन मार्च’

Summary :

उन्होंने कहा कि वह यात्रा में आयोग द्वारा निकाले गए सैंडल और हॉकी मार्च से प्रभावित हैं और वे अपने क्षेत्र में बेलन मार्च निकलना चाहती हैं।

नई दिल्ली : दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल की महिला सुरक्षा यात्रा सातवें दिन भी जारी रही। शनिवार को पूरे दिन बारिश होने के साथ ही तापमान में काफी गिरावट आ गई। ठंड के बावजूद महिलाओं ने पद यात्रा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पद यात्रा पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, उत्तरी और बाहरी दिल्ली से होते हुए यात्रा पश्चिमी दिल्ली पहुंची।

यात्रा पश्चिम विहार, पीरागढ़ी, ख्याला, तिलक नगर, जनकपुरी और डाबरी इलाके में गई। ख्याला में महिलाएं बेलन लेकर स्वाति मालीवाल से मिलने आई। उन्होंने कहा कि वह यात्रा में आयोग द्वारा निकाले गए सैंडल और हॉकी मार्च से प्रभावित हैं और वे अपने क्षेत्र में बेलन मार्च निकलना चाहती हैं। इस मौके पर स्वाति मालीवाल ने कहा कि अब महिलाएं अपने पति के जूर्म का शिकार नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस थाने को पति और ससुराल द्वारा लंबित मामले को दर्ज करना ही होगा। महिलाएं अब अपने पति की अत्याचार की शिकार नहीं होगी। इस दौरान पश्चिम विहार और ख्याला में कई महिलाएं स्वाति मालीवाल से मुलाकात की। महिलाओं ने घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के बारे में शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि उनको ऐसे मामलों में पुलिस से ज्यादा सहारा नहीं मिलता है।

स्वाति मालीवाल ने महिलाओं के साथ शामिल होकर घरेलू हिंसा का प्रतिशोध करने के लिए बेलन को एक प्रभावी प्रतीक बताया। महिलाएं बेलन लेकर गलियों में चलीं और नारे लगाई, ‘पति जो करता अत्याचार, बेलन मारो उसको चार’।

घरेलू हिंसा के 15698 मामलों में हुए 5537 में आरोप पत्र दाखिल
आयोग के पास उपलब्ध डाटा के मुताबिक घरेलू हिंसा के 15698 मामलों में केवल 5537 मामलों में आरोप पत्र दाखिल हुए हैं, जो केवल 35.5 प्रतिशत हैं। 64.5 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में अभी जांच पुलिस के पास लंबित है, जिनमें से सैकड़ों 5 साल से ज्यादा समय से लंबित हैं।

यह डाटा इस बात का इशारा करता है कि महिलाओं की यह शिकायत सही है जो पुलिस पर घरेलू हिंसा के मामलों में ध्यान न लगाने का आरोप लगाती हैं। पुलिस को घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के तहत दर्ज हुए मामलों की जानकारी देने के निर्देश दिए।

Desk Team