नई दिल्ली : राजधानी के लोगों को बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की इंजीनियरिंग विंग यूनाइटेड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (यूटीपैक) दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विस्तृत योजना तैयार की है। जिसके यूटीपैक के अध्यक्ष एवं दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने स्वीकृति दे दी।
इसके तहत दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों को जल्द ही अंतरराज्जीय बस अडडों, बस स्टैंड और फीडर बसों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एलजी अनिल बैजल ने डीएमआरसी को तीन माह के भीतर मेट्रो के सभी स्टेशनों के लिए मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। यह प्लान तैयार कर सभी संबंधित एजेंसियों को भेजा जाएगा ताकि इस दिशा में जल्द काम शुरू हो सके। मंगलवार को राजनिवास में हुई यूटीपैक की बैठक में एमएमआई पर काम करने वाली दो एजेंसियों डीएमआरसी और पीडब्ल्यूडी ने छह मेट्रो स्टेशन के लिए इस प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया।
इनमें कश्मीरी गेट, नेहरू इंक्लेव मेट्रो स्टेशन, नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन, साउथ कैंपस (धौला कुआं) मेट्रो स्टेशन, मोती बाग मेट्रो स्टेशन और मयूर विहार फेस-1 मेट्रो स्टेशन शामिल रहे। गौरतलब है कि यूटीपेक ने मेट्रो फेस तीन के 60 मेट्रो स्टेशनों और फेस-1 और 2 के दस मेट्रो स्टेशनों के लिए इस तरह के प्लान बनाने को मंजूरी दी है। एमएमआई के तहत मेट्रो स्टेशन को सुविधाजनक बनाने और उसके आसपास लगने वाले जाम को कम करने के लिए वहां अप्रोच रोड, पैदल पारपथ, फीडर बस, ऑटो, शटल, ई रिक्शा आदि के लिए पार्किंग आदि बनाने का भी प्लान है।
इस प्लानिंग से न सिर्फ मेट्रो स्टेशनों के आसपास ट्रैफिक की स्थिति में सुधार होगा बल्कि लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी भी आसानी से मिलेगी। इस बैठक में मंगलवार को डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक, पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव, डीडीए के उपाध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ, ट्रैफिक पुलिस के विशेष आयुक्त इत्यादि शामिल हुए। एलजी अनिल बैजल ने चार साल से चल रहे इस काम की धीमी गति पर चिंता भी व्यक्त की और सभी एजेंसियों को आपस में तालमेल बढ़ाते हुए इस पर तेजी से काम करने को कहा।


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