Sahitya Aajtak 2023 : रेलवे अधिकारी Mukul Kumar ने प्रकृति से जुड़ी कविताओं के बारे में कही ये बातें

राजधानी दिल्ली में लगे साहित्य के सितारों का महाकुंभ, साहित्य आज तक 2023 में साहित्य से जुड़े विभिन्न साहित्यकार, कलाकार और कला प्रेमियों का जमावड़ा लगा हुआ है, जो कि दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में चल रहा है। साहित्य से जुड़े विभिन्न कला के लोग यहां पर आकर कला की प्रदर्शनी कर रहे हैं।

HIGHLIGHTS 

  • मुकुल कुमार ने साहित्य आज तक पर कही ये बातें   
  • प्रकृति से जोड़ते हुए कविताएं करते हैं मुकुल कुमार 
  • साहित्यकार को प्रकृति चुनती है – मुकुल कुमार 

 

मुकुल कुमार ने साहित्य आज तक पर कही ये बातें   

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उन्होंने साहित्य आज तक पर प्रकृति से जुड़ी हुई कविता सुनाई, जिसे वह ईश्वर के रूप में जोड़कर बताएं, यानी ईश्वर और प्रकृति का संबंध एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। रेलवे अधिकारी मुकुल कुमार साहित्य आज तक के मंच पर पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि जो कला होती है वह प्रकृति प्रदत होती है। एक साहित्यकार को प्रकृति चुनती है। उन्होनें बताया कि साहित्य से जुड़ाव उनका स्कूल के दिनों से ही रहा है लेकिन साहित्य को और भी अच्छे से वह अपने पिता से ही समझ पाए, क्योंकि उनके पिता इंग्लिश के प्रोफेशर रहें है, जिससे उन्हें साहित्य माहौल प्राप्त हो पाया।

प्रकृति से जोड़ते हुए कविताएं करते हैं मुकुल

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इसके अलावा उन्होंने अपनी कविता को प्राकृतिक प्रेमी बताया, जिसमें वह प्रकृति से जोड़ते हुए कविताएं करते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने आप को साहित्यकार नहीं बताया, बल्कि वह कहते हैं कि साहित्य में कविता और कहानी निरंतर करने वाली प्रक्रिया है जो कभी खत्म नहीं हो सकती। और वह अभी सीखने की प्रक्रिया में हैं।

 

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