हमारे समाज में शादी सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है, इसलिए लोग इसे हमेशा यादगार पल बनाते हैं। रजत शर्मा की बेटी दिशा की शादी एमजे के साथ इन दिनों काफी चर्चा में रही। मेरे पति अश्विनी मिन्ना जी के अभिन्न मित्रों में से एक हैं रजत शर्मा। जब रजत, अश्विनी, अरुण जेतली, अमर सिंह, ललित सूरी इकट्ठे होते थे तो वातावरण हंसी-ठहाकों से भर जाता था। राजनीति के साथ बातों के भी खजाने होते थे। रजत की बेटी की शादी 7-8 दिन से शुरू होकर 4 अप्रैल को सम्पन्न हुई। हम सब हर दिन सम्मलित कुछ थकावट महसूस कर रहे थे परन्तु रजत और ऋतु के चेहरे की मुस्कान एक-एक व्यक्ति को पूछना, प्यार और सम्मान देना कहीं कम नजर नहीं आ रहा था।
मेरे भी बेटे-बहुओं को बहुत प्यार से बुलाया गया था। रजत और ऋतु की प्रोफेशनल से पर्सनल बनी एक सफल प्रेम कहानी है। उनकी शादी लगभग 25 साल पहले ललित होटल में हुई, जिसका मैं भी एक हिस्सा बनी थी। शादी के बाद पहले रजत की संघर्ष वाली जिन्दगी थी। उसका जीवन हम सबको प्रेरणा देता है। एक साधारण परिवार, 6 भाइयों और एक बहन, सब्जी मंडी के एक कमरे में रहने वाला इन्सान मेहनत से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। मैं उन्हें तब से देख रही हूं जब वो जी टीवी में शो कर रहे थे। आज उनकी सफलता के पीछे उनकी मजबूत शक्ति, उनकी सहयोगी प्रेरणा और शक्ति उनकी पत्नी ऋतु धवन है, जिसके साथ शादी के बाद रजत ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। सफलता की सीढिय़ां चढ़ते चले गए।
उनकी बेटी दिशा की शादी उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों का मिलन है, जिसमें पारम्परिक मूल्यों और आधुनिक सोच का संतुलन दिखा। कई फंक्शन तो रजत के कई परम मित्रों ने किए। सबसे बड़ी बात थी इस शादी में देश का हर एक महत्वपूर्ण राजनीतिज्ञ, प्रधानमंत्री से लेकर कई मंत्री, मुख्यमंत्री, गवर्नर मौजूद थे। यही नहीं बॉलीवुड के मशहूर एक्टर, सिंगर सब मौजूद थे। शादी बड़े रीति-रिवाजों और उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों के मिलन को बयां कर रही थी। जहां पारम्परिक मूल्यों और आधुनिक सोच का संतुलन भी दिखा। रजत-ऋतु की सफलता और विनम्रता वहां सभी वीआईपी और मित्रों की मौजूदगी को बता रही थी। मैंने एक-एक पल का आनंद लिया। क्योंकि यह एक आदर्श और संस्कारों से जुड़ी आधुनिक और पारम्परिक शादी थी।
दोनों बच्चों यानी दिशा और एमजे की जोड़ी इतनी प्यारी लग रही थी, जैसे राम-सीता की जोड़ी। रजत-ऋतु के अनुसार दिशा ने कभी साड़ी नहीं पहनी परन्तु क्या उसने साउथ इंडियन कांजीवरम साडिय़ां पहनीं, गोल्ड ज्वैलरी का जवाब नहीं था। रजत के अनुसार किस समय दिशा को क्या पहनना है, कैसा दिखना है सब ऋतु ने बड़े दिल से प्लान किया। एक भारतीय बेटी जिसका पिता उसे बार-बार निहार कर खुश भी हो रहा था, तो कभी-कभी आंखें भी नम थीं। कुल मिलाकर यह एक भव्य शादी थी। दो परिवारों को गहराई से जोड़ रही थी। अलग-अलग क्षेत्र, पेशों और राजनीतिक पार्टियों से मौजूद वहां लोग समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दे रहे थे।
भव्य सजावट, संगीत और कार्यक्रम लोगों में खुशी और ऊर्जा भर रहे थे। भारतीय परम्परा और संस्कृति दिखाई दे रही थी। बहुत से लोगों के मन में सजावट और खर्च देखकर इतनी भव्य शादी पर सवाल भी थे। जिसका एक ही उत्तर है कि बहुत से लोगों को इस शादी से काम भी मिला। जैसे डेकोरेशन, कैटरिंग, इवेंट, मैनेजमेंट, फोटोग्राफी, कई ड्रेस डिजाइनरों को भी काम मिला। यही नहीं हम जैसे लोग जैसे मैंने अपने तीनों बेटों की सिम्पल शादी की परन्तु रिसेप्शन बड़ी करनी पड़ी, क्योंकि बहुत से दायरे और रिश्ते हैं। मित्र, पत्रकार, राजनीतिक, सामाजिक जिन्हें बुलाना और बताना जरूरी होता है।
हमारे बच्चे शादी के बंधन में बंध गए हैं और नया जीवन शुरू कर रहे हैं। सबका आशीर्वाद चाहिए। ऐसे ही रजत की जीवन यात्रा हमसे भी बड़ी है। किसको बुलाएं, किसको नहीं सभी क्षेत्रों में नामी-गिरामी लोग, जानने वाले हैं तो सबको एक भव्य रिसेप्शन में बुलाना जरूरी था। हां सारी शादी में मैं और वो अरुण जेतली, अश्विनी मिन्ना जी को याद करते रहे कि वो होते तो बात ही कुछ और होती। सब अरेंजमेंट के पीछे ऋतु का दिमाग था। खुद भी हर फंक्शन में हर अंदाज में बहुत सुन्दर सजी रिसेप्शन में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। ऋतु धवन की मेहनत, लगन, प्यार नजर आ रहा था। अंत में यही कहूंगी भगवान इन बच्चों पर हमेशा अपना हाथ रखें। सब लोगों के आशीर्वाद मिलें, बुरी नजर से भी हमेशा बचाए रखे।


















