भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य होने पर गर्व महसूस करता है। स्वतंत्रता के लिए लड़े गए लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष तथा उसके बाद 26 जनवरी, 1950 को एक अद्वितीय संविधान को अपनाने के साथ देश सही अर्थों में गणराज्य बना। आज का यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारा संविधान 26 जनवरी, 1950 को महान राष्ट्रीय नेताओं और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के निरंतर प्रयासों के बाद लागू हुआ था। हमारा संविधान समानता आधारित समाज में समृद्ध जीवन के महत्व को दर्शाता है और न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे के प्रमुख सिद्धांतों को स्थापित करता है।
राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों द्वारा दी गई अनुपम कुर्बानियों को कोई कभी नहीं भूल सकता। आज देश हजारों गुमनाम नायकों को, विशेषकर पंजाब के वीर सपूतों को, गर्व के साथ स्मरण करता है, जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई, बल्कि उनके साहसिक कार्यों ने लाखों अन्य लोगों को भी ‘स्वतंत्रता की जंग’ में कूदने के लिए प्रेरित किया। देश की कुल आबादी का केवल दो प्रतिशत होने के बावजूद, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फांसी पर चढ़ाए गए या निर्वासित किए गए शहीदों में से 80 प्रतिशत पंजाबी थे। कूका आंदोलन, ग़दर आंदोलन, किसान आंदोलन और अन्य भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों के साथ-साथ पंजाब ने लाला लाजपत राय और दीवान सिंह कालेपानी जैसे वीर सपूत पैदा किए, जिन्होंने देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, शहीद उधम सिंह और करतार सिंह सराभा के वीरतापूर्ण कार्यों ने देशवासियों को अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध झंडा उठाने के लिए प्रेरित किया और स्वतंत्रता आंदोलन में नया जोश भर दिया। इसी प्रकार, जलियांवाला बाग हत्याकांड में निर्दाेष लोगों की निर्मम हत्या ब्रिटिश शासन के ताबूत में आखिरी कील साबित हुई। इसी तरह भारतवासियों ने, विशेषकर पंजाबियों ने, देश की संप्रभुता को खतरे में डालने की हर साजिश को नाकाम किया है। वर्ष 1947, 1962, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करने के अलावा, हमारे वीर देशभक्तों ने देश की आन-बान और संप्रभुता की रक्षा के लिए महान बलिदान दिए हैं। हाल ही में हमारी बहादुर सेनाओं ने सीमा पर बढ़ते तनाव का मुंहतोड़ जवाब दिया, जो स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला था। हमारे वीर सैनिकों ने सीमा पार से देश विरोधी तत्वों के नापाक इरादों को विफल कर दिया। इसी प्रकार, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा देश को आंतरिक खतरों से सुरक्षित रखने के लिए की गई अनेक कार्रवाइयों में भी पंजाबी हमेशा अग्रणी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, देश की समृद्धि और समग्र विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश की सीमाओं को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित रखने में भी पंजाबी सदैव अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। संकट के समय में भी हम बहादुर पंजाबियों ने कभी अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। इसके विपरीत, उन्होंने देश के संविधान में पूर्ण विश्वास रखते हुए लोकतंत्र के सिद्धांतों को मजबूत किया है। हमारे सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद, राज्य के किसानों ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना पसीना बहाया और कड़ी मेहनत की। इसके लिए उन्होंने राज्य के अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों, पानी और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, को भी कुर्बान कर दिया। हालाँकि एक गणराज्य के रूप में हमने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं, फिर भी अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। संविधान निर्माताओं के सपने अभी भी पूरी तरह साकार नहीं हो पाए हैं, क्योंकि हमारे देश के अधिकांश नागरिक आज भी गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और भूख जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सात दशकों से अधिक के योजनाबद्ध विकास के बावजूद, हम अपने लोगों को बुनियादी सेवाएँ सुनिश्चित करने में सफल नहीं हो सके हैं, क्योंकि राज्यों और लोगों के बीच असमानताएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।
राज्य में अभूतपूर्व विकास के युग की शुरुआत करने और पंजाब को तेज़ विकास पथ पर लाने के लिए हमारी सरकार ने इसे देश के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बनाने हेतु साहसिक पहलें की हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना : लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। यह योजना पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान करती है।
यह गर्व और संतोष की बात है कि ऐसी स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने वाला पंजाब भारत का पहला राज्य है, जिससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र होंगे या आधार कार्ड अथवा वोटर कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर प्राप्त किया जा सकता है।
युद्ध नशेयां विरुद्ध : पंजाब सरकार ने नशों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ा, नशा तस्करों के सरगनाओं को जेल भेजा, नशा तस्करों के घरों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया तथा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास के माध्यम से पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई के रूप में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ शुरू किया। 1 मार्च 2025 से 17 जनवरी 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 31,441 मामले दर्ज किए गए।
गैंगस्टरां ते वार : नशों के विरुद्ध चल रही मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ की बड़ी सफलता के बाद, पंजाब सरकार ने अब ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाना है। यह गैंगस्टरों के विरुद्ध एक निर्णायक युद्ध है। इस व्यापक कार्रवाई के तहत 2,000 पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिनमें 12,000 से अधिक पुलिस कर्मी शामिल थे।
आम आदमी क्लीनिक : लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जिन्होंने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला दी है। प्रतिदिन लगभग 70,000 मरीज इन क्लीनिकों से लाभ उठा रहे हैं।
रोशन पंजाब : राज्य सरकार ने पंजाब को देश का पहला बिजली कट-मुक्त राज्य बनाने के लिए 5000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ‘रोशन पंजाब’ अभियान शुरू किया है।
ग्रामीण लिंक सड़कें : पंजाब सरकार ने राज्य के इतिहास में सबसे बड़े सड़क निर्माण अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। ये सभी सड़कें पाँच वर्षों की रखरखाव शर्त के साथ बनाई जाएंगी, जो विश्व-स्तरीय सड़क सुरक्षा विशेषताओं और उच्च गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करेंगी। इस कदम का उद्देश्य पंजाब में बेहतर आवागमन उपलब्ध कराना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती देना है। इनमें से राज्य सरकार पहले ही 4,092 करोड़ रुपये की कुल लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण कर चुकी है।
नौकरियाँ और रोजगार : योग्य उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियाँ प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखते हुए मेरी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और दक्षता सुनिश्चित की है। अब तक पंजाब के युवाओं को पूर्णतः योग्यता के आधार पर 63,027 नियमित नौकरियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। इससे युवा पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बने हैं।
भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता नीति : जैसा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पद संभालते समय वादा किया था, उसी के अनुरूप राज्य में भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए तेज़ी से अभियान जारी रखा गया है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9501200200 शुरू किया है। यदि कोई रिश्वत मांगता है तो कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
शहीदों के वारिसों को एक करोड़ रुपये : देश की एकता और अखंडता की रक्षा में सशस्त्र सेनाओं, अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अग्निवीर जवानों के अतुलनीय योगदान को सम्मान देते हुए, राज्य सरकार ड्यूटी के दौरान शहीद होने की स्थिति में उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
हम पंजाब को एक नए शिखर पर ले जाएंगे, जहाँ हम सभी को पंजाबी होने पर गर्व महसूस होगा। ‘रंगले पंजाब’ का यह सपना कठोर परिश्रम, लगन और प्रतिबद्धता से पूरा किया जा सकता है। इसके लिए हम सभी को कमर कसनी होगी और अपनी असीम ऊर्जा को पूरी निष्ठा के साथ इस दिशा में लगाना होगा।
पंजाबियों को अधिक अधिकार, ‘रंगले पंजाब’ की ओर बढ़ते कदम
Summary :
भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य होने पर गर्व महसूस करता है। स्वतंत्रता के लिए लड़े गए लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष तथा उसके बाद 26 जनवरी, 1950 को एक अद्वितीय संविधान को अपनाने के साथ देश सही अर्थों में गणराज्य बना। आज का यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारा संविधान 26 जनवरी, 1950 को महान राष्ट्रीय नेताओं और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के निरंतर प्रयासों के बाद लागू हुआ था। हमारा संविधान समानता आधारित समाज में समृद्ध जीवन के महत्व को दर्शाता है और न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे के प्रमुख सिद्धांतों को स्थापित करता है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम…


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