हिंदी पत्रकारिता की द्वि-शताब्दी के अवसर पर नई दिल्ली का एक महत्वपूर्ण चौक निर्भीक पत्रकार श्री अश्विनी मिन्ना की स्मृतियों को समर्पित किया जाना एक महत्वपूर्ण घटना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इसी शृंखला में एक अन्य महत्वपूर्ण स्थल का समर्पण दिवंगत प्रधानमंत्री एवं महानायक श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों का किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि वाजपेयी सक्रिय राजनीति में प्रवेश से पूर्व मूल रूप में हिंदी पत्रकार थे।
‘अश्विनी मिन्ना चौक’ अर्थात पूर्व ब्रिटेनिया चौक उत्तर पश्चिमी दिल्ली में लारेंस-रोड, केशवपुरम और शकूरपुर के समीप है और 24 घंटे व्यस्त मार्गों में से एक है। प्रखर पत्रकार अश्विनी चोपड़ा ने 18 जनवरी, 2020 में अपना नश्वर शरीर छोड़ा था।
अपने बेबाक एवं निर्भीक सम्पादकीय लेखों के लिए निरंतर चर्चा में बने रहने वाले अश्विनी चोपड़ा वस्तुत: निर्भीक निष्पक्ष एवं विश्वसनीय भाषाई पत्रकारिता के पर्यायवाची बन गए थे। यह नामकरण सिर्फ दिवंगत अश्विनी मिन्ना एवं उनके बलिदानी पत्रकार परिवार को ही श्रद्धांजली नहीं है, ये पंजाब केसरी हिंद समाचार पत्र समूह के उन 27 हिंदी-उर्दू पत्रकारों को भी श्रद्धांजलि है जिन्होंने आतंकवाद के दिनों में भाषाई पत्रकारिता एवं कलम की आबरू बनाए रखने के लिए बलिदान दिए थे। इन सभी को आतंकवादियों ने अपनी गोलियों का निशाना बनाया है।
श्री अश्विनी ने आतंकवाद के दिनों में भी निर्भीक तेवर बनाए रखा और अपनी कलम के माध्यम से आतंकी संगठनों के ‘नेटवर्क’ बेनकाब करने का सिलसिला जारी रखा। कालांतर में वह करनाल संसदीय क्षेत्र से भारी बहुमत से निर्वाचित हुए और संसद में भी उनकी कड़क वाणी एवं बेबाक भाषण सुनाई देते रहे। स्वस्थ एवं निर्भीक पत्रकारिता की परंपरा को बनाए रखने के लिए उन्होंने जेआर पत्रकारिता संस्थान की भी स्थापना की।
इसी परंपरा की ज्वलंत मशाल उनकी जीवनसंगिनी किरण चोपड़ा व तीनों बेटों ने भी सुदृढ़तापूर्वक जलाए रखी है। वयोवृद्ध लोगों को भी मुख्य धारा में बनाए रखने के लिए श्रीमती किरण चोपड़ा की लाजवाब सक्रियता की भी देशभर में प्रशंसा होती है। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने ब्रिटानिया चौक के नए नामकरण को इस पूरे परिवार के प्रति ‘कृतज्ञता-ज्ञापन’ का प्रयास बताया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक चेतना का भी प्रतिनिधित्व करती है। राजधानी के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों और संस्थानों के नामकरण के माध्यम से समाज को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्वों, स्थानीय पहचान और राष्ट्रीय मूल्यों को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे निर्णय आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, विरासत और प्रेरणा स्रोत महापुरुषों से जोड़ने का कार्य करते हैं। रोहिणी और द्वारका के मैट्रो स्टेशनों को मिले नए नाम राजधानी के तीन मैट्रो स्टेशनों की पहचान अब नए नामों के साथ होगी। सरकार ने रोहिणी वेस्ट मैट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मैट्रो स्टेशन’ करने को मंजूरी दी है, वहीं रोहिणी ईस्ट मैट्रो स्टेशन अब सिर्फ ‘रोहिणी मैट्रो स्टेशन’ के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा द्वारका मैट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘द्वारका-ककरोला मैट्रो स्टेशन’ रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से यात्रियों को स्टेशन पहचानने में अधिक आसानी होगी और स्थानीय संदर्भ भी मजबूत होंगे। रोहिणी सैक्टर-33 के बेगमपुर इलाके में बन रहे नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी नया नाम दिया गया है। सरकार ने इसका नाम ‘अटल खेल परिसर’ रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। सरकार ने ज्वालापुरी में निर्माणाधीन अस्पताल का नाम भी बदलने को मंजूरी दे दी है। अब यह अस्पताल ‘बाबा रामदेव जी महाराज अस्पताल’ के नाम से जाना जाएगा। राज्य सरकार ने इसे धार्मिक और सामाजिक आस्था से जुड़े व्यक्तित्वों को सम्मान देने की पहल बताया है। दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी के सार्वजनिक संस्थानों को ऐसी पहचान देने की कोशिश की जा रही है जो स्थानीय समाज और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव पैदा करे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इन फैसलों का उद्देश्य केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि उन महान हस्तियों को सम्मान देना है जिन्होंने समाज और देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में यह पहल आगे भी जारी रहेगी।
अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक : शकूरपुर स्थित पुराने ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर जाने-माने पत्रकार और पूर्व सांसद अश्विनी चोपड़ा के नाम पर कर दिया गया है।
राजीव चौक : नई दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित व्यावसायिक केंद्र, जिसे पहले कनॉट प्लेस के नाम से जाना जाता था, का नाम बदलकर राजीव चौक कर दिया गया।
नेता जी सुभाष चंद्रबोस चौक: पुराना किलारोड और मथुरा रोड के जंक्शन (क्रॉसिंग) का नाम बदलकर यह नाम रखा गया है।
मधुबन चौक: दिल्ली में स्थानीय पहचान के अनुरूप पीतमपुरा क्षेत्र के एक प्रमुख चौक को मधुबन चौक के नाम से नई पहचान दी गई है।
अन्य प्रमुख स्थान (मैट्रो स्टेशन और चौक): रोहिणी वेस्ट मैट्रो स्टेशन अब डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मैट्रो स्टेशन के रूप में जाना जाता है।
पत्रकारिता की द्विशताब्दी और ‘अश्विनी मिन्ना चौक’
Summary :
हिंदी पत्रकारिता की द्वि-शताब्दी के अवसर पर नई दिल्ली का एक महत्वपूर्ण चौक निर्भीक पत्रकार श्री अश्विनी मिन्ना की स्मृतियों को समर्पित किया जाना एक महत्वपूर्ण घटना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इसी शृंखला में एक अन्य महत्वपूर्ण स्थल का समर्पण दिवंगत प्रधानमंत्री एवं महानायक श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों का किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि वाजपेयी सक्रिय राजनीति में प्रवेश से पूर्व मूल रूप में हिंदी पत्रकार थे। ‘अश्विनी मिन्ना चौक’ अर्थात पूर्व ब्रिटेनिया चौक उत्तर पश्चिमी दिल्ली में लारेंस-रोड, केशवपुरम और शकूरपुर के समीप है और 24 घंटे व्यस्त मार्गों में…


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