Bhutan Earthquake: रविवार को भूटान में आए भूकंप के झटके भारत सहित कई पड़ोसी देशों में महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप का केंद्र भूटान में स्थित था, लेकिन इसके प्रभाव से भारत, नेपाल, चीन और बांग्लादेश के कई क्षेत्रों में धरती कांप उठी। अचानक आए झटकों से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
भारत के कई हिस्सों में महसूस हुए झटके
भूकंप का असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी क्षेत्रों में देखने को मिला। असम, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। कई स्थानों पर लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
इसके अलावा बांग्लादेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में भी भूकंप का प्रभाव दर्ज किया गया। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
जापान में भी हाल ही में आया था शक्तिशाली भूकंप
इससे पहले 20 मई 2026 को जापान के दक्षिणी क्षेत्र कागोशिमा में 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस दौरान कई इमारतें हिल गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा हो गया था। जापान भूकंप संभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहां अक्सर भूकंपीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
क्यों आता है भूकंप?
भूकंप धरती के अंदर होने वाली भूगर्भीय गतिविधियों का परिणाम है। पृथ्वी कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं और धीरे-धीरे एक-दूसरे के संपर्क में आती रहती हैं।
जिन स्थानों पर ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, उन्हें फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। लगातार दबाव बढ़ने के कारण प्लेटों के किनारे मुड़ने लगते हैं। जब दबाव अपनी सीमा से अधिक हो जाता है, तो प्लेटें टूटने या खिसकने लगती हैं। इस दौरान पृथ्वी के भीतर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
रिक्टर स्केल पर कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। यह पैमाना भूकंप से उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा को दर्शाता है।
2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप को सूक्ष्म (माइक्रो) भूकंप माना जाता है, जिन्हें सामान्यतः लोग महसूस नहीं कर पाते।
4.5 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।
5.0 से 6.0 तीव्रता के भूकंप मध्यम श्रेणी में आते हैं और इनसे स्थानीय स्तर पर नुकसान हो सकता है।
7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं।
भूकंप के दौरान क्या बरतें सावधानी?
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप आने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। यदि आप किसी इमारत के अंदर हैं तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें और खिड़कियों से दूर रहें। खुले क्षेत्र में होने पर बिजली के खंभों, पेड़ों और इमारतों से दूरी बनाए रखें।
Bhutan Earthquake: भूटान में आए 5.3 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि दक्षिण एशिया का यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है। हालांकि इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन ऐसे प्राकृतिक घटनाक्रमों के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है।


Download Android App
Download iOS App




