एक पुरानी कहावत है कि वक्त किसी का नहीं होता। वो अपनी चाल चलता है, कब किसका वक्त उलट जाए और किसका पलट जाए, कुछ नहीं कह सकते। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दुश्मन यह कहते थकते नहीं थे कि खान साहब अब पूरी जिंदगी जेल में सड़ेंगे। यहां तक कि कई बार ऐसी खबरें भी तेजी से फैलीं कि वे अल्लाह ताला को प्यारे हो गए हैं लेकिन अब दुश्मनों की सांस फूली हुई है। चर्चा जोरों पर है कि जल्दी ही खान साहब की किस्मत बदलने वाली है।
पिछले सप्ताह वक्त ने तेजी से पलटी खाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान को उपचार के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा-शहबाज शरीफ सरकार ने इस आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दायर कर दिया कि सजायाफ्ता कैदी का उपचार केवल सरकारी अस्पताल में ही हो सकता है। तकनीकी खामी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटिशन रद्द कर दिया, इसके बाद इमरान को उपचार के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले तो जाया गया लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया और वापस जेल भेज दिया गया।
शहबाज शरीफ को दरअसल यह डर सता रहा है कि इमरान और मुनीर के बीच कुछ पक जरूर रहा है। शायद उन्हें पुराना वक्त याद आ रहा होगा जब इमरान खान प्रधानमंत्री थे और नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के आरोप में सजा हो गई थी, तब मेडिकल आधार पर उन्हें जमानत मिली और वे लंदन गए। वो भी सजायाफ्ता कैदी थे, फिर भी उन्हें दूसरे देश के प्राइवेट अस्पताल में उपचार के बहाने भागने का मौका दिया गया। यदि यही मौका कहीं इमरान को मिल गया तो?
मगर शहबाज को पता है कि इमरान विदेश भागने वाले नहीं हैं, वे तेज गेंदबाज रहे हैं और जुझारू किस्म के इंसान हैं।
शहबाज को महसूस हो रहा है कि जनरल आसिम मुनीर को अब उनकी जरूरत नहीं रही, ताकत में वे काफी आगे निकल चुके हैं। ट्रम्प अब मुनीर को ही लंच और डिनर पर बुलाते हैं, शहबाज समझ गए हैं कि मुनीर को अब कोई दूसरा चेहरा चाहिए जिसे आगे रखकर वे सत्ता की बागडोर हाथ में रख सकें। शहबाज देख रहे हैं कि मुनीर के साले और गृहमंत्री मोहसिन नकवी लगातार अपनी ही सरकार पर हमला कर रहे हैं। दरअसल अब कोई भी प्रधानमंत्री हो, मुनीर को डर नहीं है क्योंकि वे खुद को आजीवन फील्ड मार्शल बना चुके हैं। इधर इमरान के लिए महत्वपूर्ण यह है कि वे किसी भी तरह जेल से बाहर आएं।
उन्होंने भी समझ लिया है कि सेना के साथ पंगा लेने का कोई मतलब नहीं है, पाकिस्तान में नेता कितना भी बड़ा हो, सरकार तो सेना ही चलाती है। अभी बहुत चर्चा है कि मुनीर और इमरान के बीच बैक चैनल बातचीत चल रही है। समझौते की शर्तें क्या हैं, यह कहना कठिन है लेकिन ऐसा लग रहा है कि फरवरी 2029 से पहले होने वाले पार्लियामेंट्री चुनाव के पहले गोटी बिछाई जा रही है, मुनीर की मेहरबानी से इमरान बेदाग करार दिए जाते हैं तो पाकिस्तान में पासा पलट सकता है।
कुछ बयान इसकी तस्दीक भी करते हैं, इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि इमरान खान रिहा होते हैं तो वे सेना या जनरल आसिम मुनीर के साथ टकराव का रास्ता नहीं अपनाएंगे। वे राष्ट्रीय हितों के लिए काम करेंगे, उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि वर्तमान सैन्य नेतृत्व के पास राजनीतिक तनाव कम करने और कैदियों को रिहा करने का पूरा अधिकार है। यानी यह साफ लग रहा है कि खान साहब की किस्मत बदल सकती है, मुनीर फिलहाल स्थितियों को बारीकी से परख रहे हैं।
तारिक के विमान को कौन अटका रहा है ? बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा करीब-करीब तय हो गई थी। यदि सब कुछ ठीक रहता तो इस सप्ताह तारिक दिल्ली में होते। मगर यात्रा की घोषणा से पहले ही यात्रा टल गई, ऊपरी तौर पर बांग्लादेश ने कहा है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत के अनुकूल माहौल नहीं बन पाया है। दरअसल बांग्लादेश चाहता है कि भारत शेख हसीना को उसे सौंप दे जिन्हें वहां मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। वैसे शेख हसीना खुद यह कह चुकी हैं कि वे बांग्लादेश लौटना चाहती हैं।
उनकी इस घोषणा ने उन मुल्कों की नींद उड़ा दी जो चाहते थे कि बांग्लादेश में अब शेख हसीना की छाया भी न पड़े। ये मुल्क कभी नहीं चाहते कि बांग्लादेश और भारत के रिश्ते सुधरें, मगर असली सवाल है कि बांग्लादेश क्या चाहता है? तारिक चीन हो आए हैं लेकिन भारत नहीं आए। उनका संदेश क्या है? यदि हमें उनसे रिश्तों की जरूरत है तो उन्हें हमसे ज्यादा जरूरत है, यह बात उन्हें समझ लेनी चाहिए। उन्होंने नया क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पिछले सप्ताह कश्मीर की यात्रा पर थे। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती को लेकर कसीदे कढ़े, यह स्वाभाविक है। उन्होंने कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया। इसके बाद तो जैसे पाकिस्तान को बुखार आ गया। उसने अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को बुलाकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई। कितनी अजीब बात है ना, सर्जियो ने तो कुछ भी नया नहीं कहा-सर्जियो गोर ने तो वही बोला है जो सच है और पूरी दुनिया को मालूम है। कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा ही रहेगा।
पाकिस्तान के सत्ताधीशों मत उचको, काका नाराज हो गए तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी। अपने यहां आटे-दाल का भाव देखो, कश्मीर के जिस हिस्से पर तुमने कब्जा कर रखा है और जुल्म ढा रहे हो उसका ताव देखो, ताव दिखाने की कोशिश बिल्कुल ही न करो।


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