योगी सरकार की अच्छी पहल

Summary :

देश में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है। अक्सर देखा जाता है कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली होती है। परीक्षाएं रद्द की जाती हैं। परीक्षाओं में देरी होती है जिससे परीक्षा की तैयारी करने वाले अनेक युवाओं की उम्र सरकारी नौकरी के ​लिए तय आयु सीमा को पार कर जाती है और वह हताश होकर बैठ जाते हैं। व्यवस्था की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस समय रोजगार क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तनों की जरूरत है और यह काम राज्य सरकारें ही कर सकती हैं और वह नीतिगत परिवर्तन कर राज्य की आर्थिक और सामा​जिक स्थिति को नई दिशा दे सकती…

देश में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है। अक्सर देखा जाता है कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली होती है। परीक्षाएं रद्द की जाती हैं। परीक्षाओं में देरी होती है जिससे परीक्षा की तैयारी करने वाले अनेक युवाओं की उम्र सरकारी नौकरी के ​लिए तय आयु सीमा को पार कर जाती है और वह हताश होकर बैठ जाते हैं। व्यवस्था की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस समय रोजगार क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तनों की जरूरत है और यह काम राज्य सरकारें ही कर सकती हैं और वह नीतिगत परिवर्तन कर राज्य की आर्थिक और सामा​जिक स्थिति को नई दिशा दे सकती है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की उप​लब्धियों में एक बड़ी उपल​ब्धि राज्य में बेरोजगारी दर का कम होना शामिल है। उत्तर प्रदेश में पहले जहां बेरोजगारी दर 19 फीसदी तक पहुंच गई थी, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब यह घटकर 2.4 फीसदी रह गई है।

सरकार की रोजगार नीतियां निवेश बढ़ाने के प्रयास और कौशल विकास कार्यक्रमों ने पूरे राज्य में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। राज्य की जीसीसी नीति 2025 में 2 लाख से अधिक नई नौकरियां सृ​जित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यूपी पुलिस भर्ती में जो अभ्यर्थी ओवर ऐज होने की वजह से आवेदन करने से बाहर हो गए थे उनको बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पुलिस भर्ती में सभी वर्गों के लिए आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रो उन्नति बोर्ड ने आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के तहत कुल 32679 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस बार अधिकतम आयु सीमा में सभी वर्गों को एक मुश्त तीन साल का शिथिलीकरण कर दिया गया है।

दरअसल आयु सीमा में छूट का मसला काफी जटिल बना हुआ था। खुुद सत्तारूढ़ भाजपा और योगी सरकार के सहयोगी दल आयु सीमा में छूट देने की मांग कर रहे थे। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में भर्तियों में लगातार देरी हुई। कोरोना काल, परीक्षा प्रक्रियाओं और प्रशासनिक कारणों से कई भर्तियां समय पर नहीं निकल पाईं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं को हुआ जो सालों से फिजिकल ट्रेनिंग, लिखित परीक्षा और मानसिक तैयारी में लगे थे। भाजपा के कई विधायकों ने इस मुद्दे को सरकार के सामने मजबूती से उठाया। खास तौर पर देवरिया से बीजेपी विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के युवाओं को भी उम्र में छूट देने की मांग की थी। युवा सिर्फ उम्र सीमा पार होने की वजह से भर्ती से बाहर हो गए हैं।

ये वही युवा हैं जो सालों से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे। दौड़, फिजिकल और पढ़ाई सब कुछ किया लेकिन भर्ती देर से आने के कारण उनका मौका छिन गया। उन्होंने इसे न सिर्फ युवाओं बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद दुखद बताया और मानवीय आधार पर कम से कम 3 साल की उम्र में छूट देने की मांग की थी, जिसे अब सरकार ने मान लिया है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दल भी आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर हजारों युवा भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। उनका तर्क था कि सामान्य वर्ग की आयु सीमा 18 से 22 साल रखना अन्याय है। सालों से तैयारी कर रहे छात्र अब ओवर ऐज हो रहे हैं। 2019 के बाद सिर्फ 2023 में ही मौका मिला है। पिछली 60 हजार कांस्टेबल भर्ती में परीक्षार्थियों को आयु सीमा में छूट दी गई थी।

एक अभ्यर्थी ने तर्क दिया – बिहार कांस्टेबल में 18-25 वर्ष आयु है…, एमपी कांस्टेबल में 18-33 वर्ष आयु है…. हरियाणा कांस्टेबल में 18-25 वर्ष आयु है…, परंतु यूपी पुलिस में ही 22 वर्ष की आयु में युवा बूढ़ा मान लिया जाता है….। एक अन्य अभ्यर्थी ने लिखा, ‘एक ही गुहार है: यूपी कांस्टेबल पीएसी भर्ती में आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाए !! यूपी पुलिस की भर्ती में सामान्य वर्ग के छात्र 22 साल में ओवर ऐज हो जाएंगे, रिजर्व कैटेगरी में आयु सीमा 27 वर्ष जा रही है। क्या कोविड से केवल आरक्षित वर्ग ही प्रभावित हुआ था? एक ने लिखा – पिछले 7 सालों से पीएसी भर्ती न आने के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है। बच्चों की सिर्फ एक ही मांग – यूपी कांस्टेबल पीएसी भर्ती में 3 साल की आयु सीमा में छूट!” अंततः योगी सरकार ने आयु सीमा में सभी वर्गों को राहत दे दी है।

योगी सरकार ने कांस्टेबल व जेल वार्डर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था समाप्त कर दी है। कांस्टेबल व जेल वार्डर रक्षक के पदों पर भर्ती परीक्षा में अभी तक गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग करते हुए नंबर काटे जाने की व्यवस्था थी। कांस्टेबल पद पर भर्ती परीक्षा में सही उत्तर देने पर दो नंबर देने और गलत उत्तर पर आधा नंबर काटने की व्यवस्था थी। देश एवं समाज में लोग कानून का गम्भीरता से पालन करते हैं। इसका श्रेय पुलिस को ही जाता है। पुलिस के बगैर देश और राज्य के प्रशासन की सुरक्षा की कल्पना तक नहीं की जा सकती।

समाज में लोग अच्छी तरह से कानून व्यवस्था और अनुशासन का पालन करें। पुलिस हमेशा इसकी निगरानी करती है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने का श्रेय उत्तर प्रदेश पुलिस को जाता है। यूपी पुलिस ने जिस तरह से अपराधियों, बाहुबलियों, गैंगस्टरों पर नकेल कसी है, उससे समाज विरोधी तत्व खुद को पुलिस के सामने पेश कर रहे हैं। पूर्व की सरकारों में पुलिस का राजनीतिकरण किए जाने के आरोप लगते रहे हैं और तब पुलिस थाने जाति विशेष के बंधक बने हुए नजर आते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस को फ्री हैंड दे रखा है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। नई पुलिस भर्ती में युवाओं को मौका मिलेगा। नई ऊर्जा और नए जोश से पुलिस बल और मजबूत होगा।

Aditya Chopra

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