कामदा एकादशी पर तुलसी पूजन से मिटेंगे सारे पाप, घर में बरसेगी श्रीहरि और लक्ष्मी की कृपा! जानें शुभ मुहूर्त और विधि

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Kamada Ekadashi Tulsi Pujan: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर महीने में दो बार एकादशी की तिथि आती है, एक बार कृष्ण पक्ष और एक बार शुक्ल पक्ष में। एकादशी का दिन जगत का पालनहार भगवान विष्णु की भक्ति के लिए समर्पित किया गया है। वैसे तो साल भर की हर एकादशी का अपना एक विशेष आध्यात्मिक फल होता है, लेकिन चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘कामदा एकादशी’ का स्थान बहुत ऊंचा है। इस दिन श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की उपासना करते…

Kamada Ekadashi Tulsi Pujan: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर महीने में दो बार एकादशी की तिथि आती है, एक बार कृष्ण पक्ष और एक बार शुक्ल पक्ष में। एकादशी का दिन जगत का पालनहार भगवान विष्णु की भक्ति के लिए समर्पित किया गया है। वैसे तो साल भर की हर एकादशी का अपना एक विशेष आध्यात्मिक फल होता है, लेकिन चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘कामदा एकादशी’ का स्थान बहुत ऊंचा है। इस दिन श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की उपासना करते हैं, ताकि उनका जीवन सुखद बना रहे।

पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति कामदा एकादशी का व्रत पूरी निष्ठा से करता है, उसके जीवन के बड़े से बड़े पापों का नाश हो जाता है। जैसा कि इसके नाम ‘कामदा’ से स्पष्ट है, यह एकादशी मन की सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। इस दिन केवल भगवान विष्णु ही नहीं, बल्कि माता तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि एकादशी के दिन तुलसी के पौधे की सेवा करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, जिससे घर-परिवार में सुख, शांति और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।

Kamada Ekadashi  Date: कामदा एकादशी 2026 तिथि

Kamada Ekadashi  Date
Kamada Ekadashi  Date (Source: Social Media)

साल 2026 में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च की सुबह 08 बजकर 48 मिनट पर हो जाएगी। यह तिथि अगले दिन यानी 29 मार्च को सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर, कामदा एकादशी का मुख्य व्रत और पूजन 29 मार्च 2026 को ही किया जाएगा।

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Kamada Ekadashi Tulsi Pujan: कामदा एकादशी पर ऐसे करें तुलसी पूजन

Kamada Ekadashi Tulsi Pujan
Kamada Ekadashi Tulsi Pujan (Source: Social Media)
  • कामदा एकादशी के दिन सुबह सवेरे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और शुद्ध, धुले हुए कपड़े पहनें।
  • सबसे पहले अपने घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
  • भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद उनके भोग में तुलसी दल अवश्य रखें, क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते।
  • इसके बाद तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं और उसकी 5, 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
  • तुलसी की आरती गाएं और उनके मंत्रों का जाप करते हुए सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

Kamada Ekadashi Niyam: एकादशी पर तुलसी से जुड़े नियम

एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके। सबसे जरूरी बात यह है कि एकादशी तिथि पर तुलसी के पौधे में जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही उसके पत्ते तोड़ने चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन स्वयं तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। तुलसी को कभी भी गंदे या जूठे हाथों से स्पर्श न करें और उनके गमले के आसपास कूड़ेदान या जूते-चप्पल जैसी चीजें बिल्कुल न रखें। साथ ही, पूजा के दौरान काले रंग के वस्त्र पहनने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसे शुभ कार्यों में वर्जित माना गया है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।