Kamada Ekadashi Tulsi Pujan: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर महीने में दो बार एकादशी की तिथि आती है, एक बार कृष्ण पक्ष और एक बार शुक्ल पक्ष में। एकादशी का दिन जगत का पालनहार भगवान विष्णु की भक्ति के लिए समर्पित किया गया है। वैसे तो साल भर की हर एकादशी का अपना एक विशेष आध्यात्मिक फल होता है, लेकिन चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘कामदा एकादशी’ का स्थान बहुत ऊंचा है। इस दिन श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की उपासना करते हैं, ताकि उनका जीवन सुखद बना रहे।
पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति कामदा एकादशी का व्रत पूरी निष्ठा से करता है, उसके जीवन के बड़े से बड़े पापों का नाश हो जाता है। जैसा कि इसके नाम ‘कामदा’ से स्पष्ट है, यह एकादशी मन की सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। इस दिन केवल भगवान विष्णु ही नहीं, बल्कि माता तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि एकादशी के दिन तुलसी के पौधे की सेवा करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, जिससे घर-परिवार में सुख, शांति और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
Kamada Ekadashi Date: कामदा एकादशी 2026 तिथि

साल 2026 में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च की सुबह 08 बजकर 48 मिनट पर हो जाएगी। यह तिथि अगले दिन यानी 29 मार्च को सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर, कामदा एकादशी का मुख्य व्रत और पूजन 29 मार्च 2026 को ही किया जाएगा।
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Kamada Ekadashi Tulsi Pujan: कामदा एकादशी पर ऐसे करें तुलसी पूजन

- कामदा एकादशी के दिन सुबह सवेरे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और शुद्ध, धुले हुए कपड़े पहनें।
- सबसे पहले अपने घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
- भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद उनके भोग में तुलसी दल अवश्य रखें, क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते।
- इसके बाद तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं और उसकी 5, 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
- तुलसी की आरती गाएं और उनके मंत्रों का जाप करते हुए सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।


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