Maa Katyayani Ji Ki Aarti Lyrics: आज चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है। यह दिन देवी दुर्गा के छठें रूप मां कात्यायनी को समर्पित होता है, जिन्हें हिम्मत और जीत की देवी माना जाता है। इस साल उनकी पूजा 24 मार्च 2026 को होगी। पुरानी कथाओं के अनुसार, ऋषि कात्यायन की तपस्या से खुश होकर देवी दुर्गा ने उनके घर बेटी के रूप में जन्म लिया, इसीलिए उन्हें ‘कात्यायनी’ कहा जाता है। माना जाता है कि जो भी सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसके डर और परेशानियां खत्म हो जाती हैं। खासकर शादी-ब्याह में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए इनकी पूजा बहुत असरदार होती है।
माना जाता है कि मां कात्यायनी की सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। घर में खुशहाली बनी रहती है, लेकिन याद रखें कि मां की पूजा आरती के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए आज पूजा के समय मां की आरती जरूर करें।
Maa Katyayani Ji Ki Aarti Lyrics: कात्यायनी माता की आरती

जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
जय जगमाता, जग की महारानी।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा,
वहां वरदाती नाम पुकारा।
कई नाम हैं, कई धाम हैं,
यह स्थान भी तो सुखधाम है।
हर मंदिर में जोत तुम्हारी,
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
हर जगह उत्सव होते रहते,
हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
कात्यायनी रक्षक काया की,
ग्रंथि काटे मोह माया की।
झूठे मोह से छुड़ाने वाली,
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
जय जगमाता, जग की महारानी,
अपना नाम जपाने वाली।
बृहस्पतिवार को पूजा करियो,
ध्यान कात्यायनी का धरियो।
हर संकट को दूर करेगी,
भंडारे भरपूर करेगी।
जो भी मां को भक्त पुकारे,
कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
जय जगमाता, जग की महारानी।


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