Makar Sankranti ke Upay: इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति का पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में स्नान-दान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है। इस दिन कुछ विषेश उपाय करके अखंड पुण्य की प्राप्ति होती है।
Makar Sankranti ke Upay: मकर संक्रांति पर जरूर करें ये 4 उपाय

- तिल स्नान: मकर संक्रांति पर नहाने के पानी में काले तिल मिलाना अत्यंत कल्याणकारी होता है। मान्यता है कि तिल मिश्रित जल से स्नान करने पर शारीरिक कष्टों का निवारण होता है और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
- सूर्य देव को अर्घ्य: इस पावन अवसर पर सूर्य उपासना का विशेष फल है। जल में काले तिल डालकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देने से सोया हुआ भाग्य जागृत होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
- दान-पुण्य: इस दिन खिचड़ी, घी, तिल और ऊनी वस्त्रों का दान करने से जाने-अनजाने में हुए पाप मिट जाते हैं। दान की यह परंपरा घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करती है।
- पितृ तर्पण: पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले तर्पण में तिल का प्रयोग अवश्य करें। तिल के साथ जल अर्पित करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Makar Sankranti 2026 ke Niyam: इन नियमों का करें पालन

आइए जानते हैं कि Makar Sankranti Par Kya Kare or Kya Na Kare-
क्या करें (Do’s)
- मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की सफाई करें।
- किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें।
- तांबे के लोटे में पुष्प और तिल लेकर “ॐ सूर्याय नमः” के साथ सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- ‘सूर्य चालीसा’ और ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का भक्तिभाव से पाठ करें।
- शनि दोष से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए तिल का सेवन व स्नान में प्रयोग करें।
- उड़द दाल की खिचड़ी का भोग लगाकर गरीबों को खिलाएं और स्वयं भी ग्रहण करें।
- इस दिन गाय को गुड़-तिल और चारा खिलाना सौभाग्य और समृद्धि लाता है।
क्या न करें (Don’ts)
- इस दिन देर तक सोना वर्जित है, क्योंकि यह शुभ समय ईश्वरीय कृपा पाने का होता है।
- बिना स्नान और दान-पूजा किए कुछ भी खाने से बचना चाहिए।
- शराब, मांस और प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन का त्याग करें, केवल सात्विक आहार लें।
- अपशब्दों का प्रयोग और आपसी कलह से बचें, इस दिन वाणी में मधुरता बनाएं रखें।
- इस पर्व पर पेड़ों को काटना या प्रकृति को नुकसान पहुंचाना अशुभ माना जाता है।
- इस दिन काले वस्त्र न धारण करें।























