रंगों से नहीं, श्मशान की राख से मनाई जाती है अनोखी होली! आखिर क्या है काशी की ‘Masaan Holi’ की पूरी कहानी

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Masaan Holi Date 2026: होली को आमतौर पर रंगों का पर्व माना जाता है, लेकिन काशी की ‘मसान होली’ एक ऐसी अनोखी परंपरा है जहां चिता की राख से होली खेली जाती है। वाराणसी के श्मशान घाटों पर आयोजित होने वाला यह उत्सव आध्यात्मिकता से भरपूर होता है। मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान भोलेनाथ भूत, प्रेत और पिशाचों के साथ राख उड़ाते हैं। Masaan Holi Date 2026: इस साल कब है मसान होली? काशी की यह प्रसिद्ध मसान होली रंगभरी एकादशी के ठीक अगले दिन मनाई जाती है। वर्ष 2026 में रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को है, इसलिए चिता…

Masaan Holi Date 2026: होली को आमतौर पर रंगों का पर्व माना जाता है, लेकिन काशी की ‘मसान होली’ एक ऐसी अनोखी परंपरा है जहां चिता की राख से होली खेली जाती है। वाराणसी के श्मशान घाटों पर आयोजित होने वाला यह उत्सव आध्यात्मिकता से भरपूर होता है। मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान भोलेनाथ भूत, प्रेत और पिशाचों के साथ राख उड़ाते हैं।

Masaan Holi Date 2026: इस साल कब है मसान होली?

Masaan Holi Date 2026
Masaan Holi Date 2026 (Image: Social Media)

काशी की यह प्रसिद्ध मसान होली रंगभरी एकादशी के ठीक अगले दिन मनाई जाती है। वर्ष 2026 में रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को है, इसलिए चिता की भस्म से खेली जाने वाली यह मसान होली 28 फरवरी को आयोजित होगी।

Masaan Holi History: मसान होली की पौराणिक शुरुआत

पौराणिक कथाओं के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन जब शिव माता पार्वती का गौना कराकर काशी लौटे, तब पूरे नगर ने गुलाल से उनका स्वागत किया। लेकिन शिव के प्रिय गण (भूत-प्रेत) उस उत्सव का हिस्सा नहीं बन पाए थे। इसीलिए अगले दिन, महादेव ने श्मशान घाट पर अपने इन विशिष्ट साथियों के साथ चिता की भस्म से होली खेली। तभी से यह परंपरा जीवन और मृत्यु के चक्र को सम्मान देने के लिए निभाई जा रही है।

Masaan Holi Significance: मसान होली का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

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Masaan Holi Date 2026 (Image: Social Media)

मसान होली केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मोक्ष और वैराग्य का प्रतीक है। जहां रंगों की होली सांसारिक खुशियों को दर्शाती है, वहीं राख की होली अहंकार के विनाश और आध्यात्म का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव के गण, जो सामाजिक बंधनों से परे हैं, उनके साथ यह होली खेलकर भक्त यह अनुभव करते हैं कि सच्ची शांति मोह-माया के त्याग में ही है। यह पर्व सिखाता है कि जीवन की पूर्णता मृत्यु को स्वीकार करने में है।

Masaan Holi in Varanasi: मसान होली कौन लोग खेलते हैं?

इस अनूठी होली में मुख्य रूप से नागा साधु, अघोरी और स्थानीय शिव भक्त हिस्सा लेते हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं इसमें शामिल नहीं होतीं, लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर से इस दृश्य के साक्षी बनते हैं। यहां पर साधु-संत भूत-प्रेतों का स्वांग रचकर भस्म की वर्षा करते हैं।

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Masaan Holi Celebration in Kashi: कहां खेली जाती है मसान होली?

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Masaan Holi Date 2026 (Image: Social Media)

मसान होली मुख्य रूप से वाराणसी में खेली जाती है। यह होली वाराणसी के मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर खेली जाती है। उत्सव की शुरुआत मणिकर्णिका घाट स्थित महाश्मशान नाथ मंदिर में विशेष पूजन और आरती से होती है। इसके बाद साधु-संत एक-दूसरे पर चिता की राख लगाते हैं। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक खिंचे चले आते हैं।

Masaan Holi Ritual: मसान की होली ‘मृत्यु का उत्सव’

मसान होली हमें याद दिलाती है कि आत्मा अमर और शरीर नश्वर है। यह त्योहार जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को खत्म कर शिव के ‘महाश्मशानाथ’ रूप की महिमा गाता है। यह उत्सव हमें यह सिखाता है कि शिव की दृष्टि में सृष्टि का हर जीव, चाहे वह मनुष्य हो या प्रेत, समान रूप से कृपा का पात्र है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।