Masik Shivratri Mistakes to Avoid: मासिक शिवरात्रि का दिन शिव भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन को भगवान शिव की अराधना के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस बार मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग 16 जनवरी को एक साथ बन रहा है। ऐसे में इस दिन आप व्रत और पूजा करके भगवान शिव की दोगुनी कृपा प्राप्त कर सकते हैं और माता लक्ष्मी के आशीर्वाद से धन, वैभव की भी प्राप्ति होगी।
मासिक शिवरात्रि व्रत करने से सभी दुख, दोष और पाप मिट जाते हैं। हालांकि, इस दिन पूजन और व्रत करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अनजाने में हुई चूक आपके पुण्य फल को कम कर सकती है। आइए जानते हैं, Masik Shivratri Puja Mistakes और Masik Shivratri Vrat Mistakes के बारे में जिनसे आपको बचना चाहिए।
Masik Shivratri Mistakes to Avoid: पूजा में इन चीजों का प्रयोग न करें

- तुलसी दल: महादेव की आराधना में तुलसी अर्पित करना निषेध है। पूजन में तुलसी के स्थान पर बेलपत्र का प्रयोग करें।
- केतकी और चंपा के फूल: शिवजी को सफेद फूल प्रिय है, लेकिन केतकी और चंपा के फूलों को उन्होंने अपनी पूजा से वर्जित कर दिया है। इसके बजाय धतूरा या मदार के फूलों का अर्पण अधिक शुभदायी होता है।
- शंख का निषेध: शंखचूड़ राक्षस के संहार के कारण शिवलिंग पर शंख से जल अर्पित नहीं किया जाता। जलाभिषेक के लिए हमेशा तांबे या पीतल के पात्र का ही उपयोग करना चाहिए।
- अक्षत (चावल): शिवजी को चढ़ाए जाने वाले चावल साबुत होने चाहिए। खंडित या टूटे हुए चावल चढ़ाना अशुभ माना जाता है क्योंकि चावल ‘पूर्णता’ का प्रतीक है।
- हल्दी और कुमकुम: शिवलिंग को पुरुष तत्व का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस पर हल्दी या लाल कुमकुम नहीं लगाया जाता। शिवजी को तिलक करने के लिए केवल सफेद चंदन या भस्म का ही प्रयोग करें।
- बेलपत्र: शिवलिंग पर हमेशा तीन पत्तियों वाला अखंडित (बिना कटा-फटा) बेलपत्र ही चढ़ाएं। अर्पण करते समय चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर रखें।
Masik Shivratri 2026: व्रत के लिए नियम

- सुबह उठें: इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ, धुले हुए कपड़े पहनें। इसके बाद ही व्रत का संकल्प लें।
- सात्विक आहार: इस दिन तामसिक भोजन (मांसाहार, प्याज, लहसुन) का पूरी तरह त्याग करें। यदि आप उपवास नहीं भी कर रहे हैं, तो सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- आचरण: इस दिन अपने शब्दों पर संयम रखें। किसी को अपशब्द न कहें। न ही किसी से झूठ बोलें।
- दिन में न सोएं: मासिक शिवरात्रि के दिन दोपहर में सोने से बचें। इस पूरे दिन शिव जी का नाम जप करें।

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