किस उम्र की कन्या के पूजन से क्या मिलता है माता का आशीर्वाद? यहां जानें नवरात्रि की पूजा का धार्मिक महत्व

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Navratri Kanya Pujan: नवरात्र का पर्व देवी दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दौरान कुमारी कन्याओं की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। हिंदू शास्त्रों में बताया गया है कि मान्यता के अनुसार, नवरात्र में कन्या पूजन करने से माता रानी बहुत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। नवरात्र में 2 वर्ष से 9 वर्ष तक की कन्याओं की पूजा करना बेहद शुभ माना गया है। इन कन्याओं को देवी का ही रूप माना जाता है। आइए जानते हैं, कन्या पूजन का महत्व और विधि क्या है। Navratri Kanya…

Navratri Kanya Pujan: नवरात्र का पर्व देवी दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दौरान कुमारी कन्याओं की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। हिंदू शास्त्रों में बताया गया है कि मान्यता के अनुसार, नवरात्र में कन्या पूजन करने से माता रानी बहुत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। नवरात्र में 2 वर्ष से 9 वर्ष तक की कन्याओं की पूजा करना बेहद शुभ माना गया है। इन कन्याओं को देवी का ही रूप माना जाता है। आइए जानते हैं, कन्या पूजन का महत्व और विधि क्या है।

Navratri Kanya Pujan: कैसे किया जाता है कन्या पूजन

Navratri Kanya Pujan
Navratri Kanya Pujan (Source: Social Media)

नवरात्र में कन्या पूजन हर कोई अलग-अलग तरीके से करता है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार, कन्याओं को आमंत्रित करके उनकी पूजा करते हैं। हरदिन एक ही कन्या की पूजा भी की जाती है या फिर तिथि के अनुसार, कन्याओं की संख्या बढ़ाते हुए पूजा की जा सकती है। नवरात्रि के दौरान आप अपने अनुसार कन्या पूजन कर सकते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा का उद्देश्य केवल अपना लाभ नहीं बल्कि सबके कल्याण की कामना करना होता है। जितने अधिक लोगों के हित की भावना से पूजा की जाती है, उतनी ही देवी की कृपा प्राप्त होती है।

Navratri Kanya Pujan Ka Mahatva: अलग-अलग उम्र की कन्याओं का महत्व

Navratri Kanya Pujan Ka Mahatva
Navratri Kanya Pujan Ka Mahatva (Source: Social Media)

2 वर्ष की कन्या – कुमारी
पूजा करने से दुख-दरिद्रता दूर होती है और आयु व बल बढ़ता है.

3 वर्ष की कन्या – त्रिमूर्ति
धर्म, अर्थ और काम की पूर्ति होती है तथा परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

4 वर्ष की कन्या – कल्याणी
विद्या, विजय और सुख की प्राप्ति होती है.

5 वर्ष की कन्या – कालिका
शत्रुओं का नाश होता है.

6 वर्ष की कन्या – चंडिका
धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.

7 वर्ष की कन्या – शाम्भवी
दुख दूर होते हैं और संघर्ष या विवाद में विजय मिलती है.

8 वर्ष की कन्या – दुर्गा
सांसारिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है.

9 वर्ष की कन्या – सुभद्रा
सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

Navratri Kanya Pujan: नवरात्र में तिथि के अनुसार भोग

Navratri Kanya Pujan
Navratri Kanya Pujan (Source: Social Media)

नवरात्र में देवी को तिथि के अनुसार, अलग-अलग प्रकार के भोग लगाने का भी विधान बताया गया है।

प्रतिपदा – घी का भोग, रोगों से मुक्ति
द्वितीया – चीनी का भोग, दीर्घायु की प्राप्ति
तृतीया – दूध का भोग, दुखों से छुटकारा
चतुर्थी – मालपुआ का भोग, संकटों से रक्षा
पंचमी – केला, बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि
षष्ठी – शहद, सुंदरता और आकर्षण
सप्तमी – गुड़, शोक और तनाव से मुक्ति
अष्टमी – नारियल, मानसिक शांति
नवमी – धान का लावा, परलोक में सुख

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।