Durga Maa ke Mantra: मान्यता है कि मंत्रों में वह अलौकिक शक्ति निहित है जो देवताओं को शीघ्र प्रसन्न कर भक्तों की हर मुराद पूरी कर सकती है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी के मंत्रों का जाप अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा के सिद्ध मंत्रों का स्मरण करने से साधक को अपनी पूजा का अनंत गुना फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं उन चमत्कारी मंत्रों के बारे में, जो आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।
Durga Maa ke Mantra: चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र

- ॐ दुं दुर्गायै नमः
- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
- सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
- ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
- या देवी सर्वभुतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
- नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:। नम: प्रकृत्यै भद्रायै नियता: प्रणता: स्मताम्।।
- ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
Chaitra Navratri 2026 Puja Vidhi: नवरात्रि की पूजा विधि

- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें।
- एक मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। साथ ही, जल से भरे कलश में सिक्का, सुपारी और अक्षत डालकर उसके मुख पर नारियल रखें और अशोक के पत्तों से सजाकर इसे चौकी के पास रखें।
- संभव हो तो नौ दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित रखें, नहीं तो सुबह-शाम सामान्य दीपक जलाएं।
- पूजा के दौरान ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- अंत में विधि-विधान से माता की आरती करें।
- नौ दिनों तक रोज सुबह माता की प्रतिमा और कलश का पूजन करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ व आरती करें।
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