Padmini Ekadashi ke Upay: शादीशुदा जिंदगी में घुलेगी मिठास और घर आएगी बरकत; पद्मिनी एकादशी पर आजमाएं ये 7 टोटके

Summary :

Padmini Ekadashi ke Upay: 17 मई से ज्येष्ठ अधिकमास की शुरूआत हो चुकी है, जो 15 जून तक रहेगा। इस खास एक महीने के दौरान आम महीनों की तरह ही दो एकादशी व्रत आएंगे। इनमें से पहला व्रत शुक्ल एकादशी को रखा जाएगा, जिसे पद्मिनी एकादशी या कमला एकादशी भी कहते हैं। यह 2026 के अधिकमास की पहली एकादशी होगी। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, पद्मिनी एकादशी का योग सिर्फ अधिकमास में ही आता है। इसी वजह से इसे बहुत खास और दुर्लभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा और सही नियम से यह व्रत रखते हैं, उन्हें…

Padmini Ekadashi ke Upay: 17 मई से ज्येष्ठ अधिकमास की शुरूआत हो चुकी है, जो 15 जून तक रहेगा। इस खास एक महीने के दौरान आम महीनों की तरह ही दो एकादशी व्रत आएंगे। इनमें से पहला व्रत शुक्ल एकादशी को रखा जाएगा, जिसे पद्मिनी एकादशी या कमला एकादशी भी कहते हैं। यह 2026 के अधिकमास की पहली एकादशी होगी।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, पद्मिनी एकादशी का योग सिर्फ अधिकमास में ही आता है। इसी वजह से इसे बहुत खास और दुर्लभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा और सही नियम से यह व्रत रखते हैं, उन्हें गाय दान करने जितना पुण्य मिलता है।

Padmini Ekadashi 2026: पद्मिनी एकादशी कब है?

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Padmini Ekadashi ke Upay (AI Generated)

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर शुरू हो जाएगी। यह तिथि अगले दिन 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगी। उदयातिथि के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई, बुधवार को रखा जाएगा।

Padmini Ekadashi ke Upay: पद्मिनी एकादशी के आसान उपाय

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Padmini Ekadashi ke Upay (AI Generated)
इस खास दिन पर भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ आप ज्योतिष के कुछ आसान उपाय भी अपना सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन उपायों को करने से व्यक्ति के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और मृत्यु के बाद उसे स्वर्ग में जगह मिलती है। आइए जानते हैं कि पद्मिनी एकादशी के दिन कौन-कौन से उपाय करना आपके लिए शुभ रहेगा।

1. शंख से भगवान विष्णु को जल चढ़ाएं

पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को शंख में जल भरकर अर्पित करें। ऐसी मान्यता है कि शंख से जल चढ़ाने से भगवान विष्णु बहुत जल्दी खुश हो जाते हैं और आपके घर को सुख, शांति और धन-दौलत से भर देते हैं।

2. तुलसी माता की पूजा करें

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Padmini Ekadashi ke Upay (Source: Social Media)

इस एकादशी पर तुलसी जी की पूजा करने का बहुत महत्व है। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का एक दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी जी के चारों तरफ 5 या 11 बार घूमकर परिक्रमा करें। इस उपाय को करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी आप पर हमेशा बनी रहेगी।

3. गरीबों को दान दें

पद्मिनी एकादशी के दिन दान-पुण्य करना बहुत भले और पुण्य का काम माना जाता है। इसलिए इस दिन अपनी इच्छा और शक्ति के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को कपड़े, पैसे, या खाने-पीने का अनाज दान में जरूर दें।

4. पीपल के पेड़ की पूजा करें

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Padmini Ekadashi ke Upay (Source: Social Media)
धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए पद्मिनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं और एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से कुंडली के शनि दोष से भी राहत मिलती है।

5. गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें

अगर आपकी कुंडली में पितृदोष है, तो पद्मिनी एकादशी के दिन ‘गजेंद्र मोक्ष’ का पाठ जरूर करें। इस पाठ को करने से आपके पूर्वज प्रसन्न होते हैं और आपको अपना आशीर्वाद देते हैं।

6. घर में दक्षिणावर्ती शंख रखें

शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार, घर में हमेशा दो शंख रखने चाहिए- एक शंख सिर्फ बजाने के लिए और दूसरा शंख पूजा-पाठ करने के लिए। पद्मिनी एकादशी के शुभ दिन अपने घर के मंदिर में ‘दक्षिणावर्ती शंख’ की स्थापना करें और उसकी पूजा करें। ऐसा करने से घर में बरकत आती है।

7. भगवान को खीर का भोग लगाएं

पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को दूध और चावल से बनी मीठी खीर का भोग लगाएं। भगवान विष्णु को चढ़ाए जाने वाले इस भोग में तुलसी का पत्ता जरूर डालें। इस उपाय को करने से पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत होते हैं और शादीशुदा जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहती हैं।

Padmini Ekadashi Daan Time: दान के लिए शुभ समय क्या है?

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Padmini Ekadashi ke Upay (Source: Social Media)
पद्मिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:03 मिनट से सुबह 04:44 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूजा-पाठ और स्नान-दान  के लिए तीन अच्छे मुहूर्त हैं-
लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 05:25 से 07:08 तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 07:08 से 08:52 तक
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।