Sawan Shivratri Puja Vidhi: सावन शिवरात्रि पर इस तरह करें भगवान भोलेनाथ का पूजन, यहां देखें आसान पूजा विधि और सामग्री लिस्ट

Summary :

यह आर्टिकल सावन शिवरात्रि पर्व के बारे में है, जो भगवान शिव को समर्पित है और इस साल 11 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। भक्त इस दिन शिव जी की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा और मंत्र जाप करते हैं। आर्टिकल में सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए जरूरी सामग्री और पूरी विधि बताई गई है इसकी पूजा सामग्री - गंगाजल, शुद्ध जल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), इत्र, भस्म, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, शमी पत्र, चंदन, अक्षत, कलावा, जनेऊ, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, घी का दीपक, धूप, मौसमी फल और मिठाई।

Sawan Shivratri Puja Vidhi: सावन शिवरात्रि का पर्व भगवान शिव जी को समर्पित है। इस खास मौके पर सभी भक्त भगवान शिव जी को प्रसन्न करने के लिए पूरे विधि-विधान से उनकी पूजा -अर्चना करते हैं। इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को पड़ रही है। इस दिन शिव जी की विशेष पूजा करें और उनके कुछ खास मंत्रों का जाप करें। इससे आपको शिव जी की कृपा प्राप्त हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी भक्ति करके शिव जी खुश करना चाहते हैं, तो यहां देखिए चढ़ाने के लिए पूजा सामग्री और पूजा विधि।

सावन शिवरात्रि के लिए सामग्री

 Sawan Shivratri puja kaise kare
Sawan Shivratri puja kaise kare ( credit AI genrated )
  • गंगाजल और शुद्ध जल
  • कच्चा दूध
  • दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत बनाने के लिए)
  • इत्र और भस्म
  • बेलपत्र (कम से कम 7 या अधिक)
  • धतूरा और आक/मदार के फूल
  • भांग और शमी पत्र
  • सफेद चंदन (शिव जी के लिए) और रोली/पीला चंदन
  • अक्षत (साबुत चावल के दाने)
  • कलावा (रक्षासूत्र) और जनेऊ
  • पान, सुपारी, लौंग और इलायची
  • देसी घी का दीपक और माचिस धूप
  • मौसमी फल और मिठाई

सावन शिवरात्रि के लिए पूजा विधि

 Sawan Shivratri puja samagri
Sawan Shivratri puja samagri ( credit AI genrated )
  • सावन शिवरात्रि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • फिर शिव परिवार की फोटो या मूर्ति को एक चौकी पर स्थापित करें।
  • इसके बाद नंदी महाराज की मूर्ति भी उसी जगह पशर स्थापित करें।
  • फिर घी का दीपक जलाएं और पूजा शुरू करें।
  • इसके बाद शिवलिंग को पंचामृत से स्नान करवाएं।
  • अब भगवान को बेलपत्र, मौसमी फल, फूल, भांग, धतूरा और भोग चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर इत्र भी चढ़ा दें। फिर शिव चालीसा का पाठ करें।
  • इसके बाद शिवाष्टक का भी पाठ करें।
  • पूजा के समय मन ही मन में शिव जी के मंत्रों का श्रद्धा पूर्वक जाप करें।
  • फिर भगवान शिव को भोग लगाएं।
  • इसके बाद माता पार्वती को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं और अब सावन शिवरात्रि की कथा सुनें या सुनाएं।
  • अब कपूर जलाएं और शिव जी की आरती कर पूजा को संपन्न करें।
  • इसके बाद चढ़ाया गया प्रसाद सभी भक्तों में बांट दें।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।