Vat Purnima Vrat 2026 Kab Hai: हर साल वट सावित्री की तरह ही वट पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाता है। इन दोनों ही व्रत का महत्व, पूजा विधि, कथा समान होते हैं, इसमें बस इतना अंतर होता है कि सावित्र व्रत ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर रखा जाता है और वट पूर्णिमा व्रत ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा को किया जाता है। इन दोनों ही व्रतों को पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। कहा जाता है कि वट सावित्री व्रत के 15 दिन बाद वट पूर्णिमा व्रत रखा जाता है। ऐसे में आइए Vat Purnima Vrat 2026 Puja Vidhi और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं।
Vat Purnima Vrat 2026 Shubh Muhurat: वट पूर्णिमा व्रत शुभ मुहूर्त

- तिथि- सोमवार, 29 जून 2026
- अमृत मुहूर्त – सुबह 05:26 बजे से 07:11 बजे तक
- शुभ मुहूर्तः सुबह 08:55 बजे से 10:40 बजे तक
- चर मुहूर्त- दोपहर 02:09 बजे से 03:54 बजे तक
- लाभ मुहूर्त – दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:38 बजे तक
- अमृत मुहूर्त- शाम 05:38 बजे से 07:23 बजे तक
Vat Purnima Vrat 2026 Puja Time: वट पूर्णिमा व्रत 2026 तारीख

हिंदू पंचांग के अनुसार, वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून को रखा जाएगा। इस बार वट सावित्री और वट पूर्णिमा व्रत में करीब डेढ़ महीने का अंतर है। क्योंकि, इस बार 17 मई से अधिक मास लग गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को सुबह 3 बजकर 7 मिनट पर होगा और 30 तारीख की सुबह में 5 बजकर 27 मिनट पर पूर्णिमा तिथि खत्म हो जाएगी। उदय काल के अनुसार, वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून को रखा जाएगा।
Vat Purnima Vrat 2026 Puja Vidhi: वट पूर्णिमा पूजा विधि

- वट पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद लाल या पीले कपड़े पहनें।
- इसके बाद 16 श्रृंगार करें।
- फिर बांस की टोकरी में सात प्रकार के अनाज, फल, फूल, रोली, कुमकुम, कच्चा सूत, दीपक, साड़ी और श्रृंगार की सामग्री रखें।
- इसके बाद वट पेड़ के पास जाकर घी का दीपक जलाएं, फिर पेड़ की परिक्रमा करें और कच्चा सूत लपेटें।
- इसके बाद वट वृक्ष पर कुमकुम-हल्दी का तिलक लगाकर, चने और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएं।
- फिर अपने पति के पैर छूकर उन्हें प्रसाद दें और बांस के पंखे से हवा करें।
- इस पूजा के दौरान सावित्री-सत्यवान की कथा जरूर सुनें।


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