चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा का 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा बजट सत्र हंगामेदार होने की संभावना है। जहां भाजपा सरकार के पांच नगर निगम चुनावों जींद की जीत से हौंसले बुलंद हैं, वहीं पर बिखरा विपक्ष भी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। इस बार विधानसभा में जहां इनेलो और कांग्रेस में एक बार फिर से वाकयुद्ध तेज रहने की संभावना है वहीं पर जननायक जनता पार्टी के पाले में गए विधायकों के रुखपर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
बजट सत्र में सरकार बिखरे विपक्ष को इस हद तक अपने व्यंग्य बाणों से घायल करेगी यह भी दिलचस्प होगा।हरियाणा सरकार ने बजट सत्र की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 20 फरवरी से शुरू होने वाला बजट सत्र पूरे एक पखवाड़े तक चलेगा। पहले बजट सत्र के मात्र 27 फरवरी तक चलने की संभावना थी, लेकिन अधिक कामकाज और विपक्ष के संभावित विरोध के चलते सरकार ने बजट सत्र 5 मार्च तक चलाने का निर्णय लिया है।
बजट सत्र की अवधि पर फाइनल मुहर विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लगेगी, लेकिन सत्र के एक पखवाड़े से अधिक चलने की संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्पीकर कंवरपाल गुर्जर के साथ चर्चा के बाद वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने 26 फरवरी को बजट पेश करने का निर्णय लिया है। पहले बजट 23 फरवरी को अवकाश के दिन शनिवार को पेश किए जाने की संभावना थी। बजट सत्र की अवधि बढ़ा दिए जाने के बाद सरकार ने बजट 26 फरवरी को सुबह दस बजे पेश करने को हरी झंडी दे दी है। बजट सत्र इस बार बेहद हंगामेदार होने की संभावना है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु अपनी सरकार के इस कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेंगे। वित्त मंत्री आजकल बजट तैयार करने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। अवकाश के दिन भी उनकी बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है। इस बार का बजट टैक्स रहित तो होगा ही, लेकिन गांवों और किसानों के विकास पर सरकार का खास फोकस रहेगा। विधानसभा के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर भिड़ंत होने के आसार हैं। सत्ता पक्ष में जहां पांच नगर निगम के बाद जींद उपचुनाव में हुई बंपर जीत की खुमारी देखने को मिलेगी, वहीं बिखरा हुआ विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश मेें होगा।
हाल ही में जींद से चुनाव जीतकर आए डॉ. कृष्ण मिढा भाजपा विधायकों की बेंच पर बैठे नजर आएंगे। जबकि इनेलो विधायकों के रूख पर सभी की निगाह टिकी होगी। कांग्रेस विधायक आक्रामक रुख अख्तियार करने की कोशिश में होंगे। दो इनेलो विधायक जसविंदर सिंह संधू और डॉ. हरिचंद मिढा निधन के चलते सदन में नहीं होंगे।


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