बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ बिजली निगम में तबादले को लेकर चल रही हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को भी पसीने आने लगे हैं, क्योंकि निगम कर्मचारियों की पिछले दो सप्ताह से हड़ताल चल रही है जिस कारण निगम का कार्यालय खाली पड़ा हुआ है। कर्मचारियों के डयूटी पर न जाने से अधिकारी भी गायब रहते हैं। कई अधिकारियों के कार्यालय पर ताला लटका हुआ है तो कई कार्यालय में खाली कुर्सी और इधर उधर बिखरी पड़ी फाईलों के अतिरिक्त कुछ दिखाई नहीं दे रहा। बहादुरगढ़ एचएसईबी वर्कर यूनियन केे यूनिट प्रधान बिजेंद्र फौगाट का अधिकारियों ने बहादुरढ़ से सांपला टांसफर कर दिया था जिसके विरोध में यूनियन केे सभी कर्मचारी हर रोज कुछ समय तक वर्कसस्पेंड रखते हैं और कभी बहादुरगढ में तो कभी जिला मुख्यालय पर धरना देते हैं जिस कारण बहादुरगढ़ कार्यालय लगभग खाली पड़ा है।
इस मामले में न तो निगम झुकने को तैयार हो रहा है और न ही कर्मचारी यूनियन के लोग अपनी मांग से पीछे नहीं हट रहे, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को निगम का पूरा कार्यायल खाली था। न तो कोई अधिकारी था और न ही कर्मचारी। हडताल पर बैठे कर्मचारी जिला मुख्यालय झज्जर में धरने पर गए हुए थे इसलिए निगम का कार्यालय रामभरोसे पर था। उपभोक्ता अपने कामों को लेकर पिछले दो सप्ताह से निगम कार्यालय के धक्के खा रहे हैं मगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। किसी का बिजली का बिल गलत बना हुआ है तो किसी की बिजली खराब है। किसी का मीटर जला हुआ है तो किसी को नया कनैक्शन लेना है मगर सुनने वाला कोई नहीं है।
पुतला फूंकने की दी चेतावनी: तबादले के विरोध में धरना दे रहे कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि तबादले के विरोध में सभी बिजली कर्मचारी शनिवार को शहर में जुलूस निकालेंगे और विधायक नरेश कौशिक का पुतला भी फूकेंगे। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि बिजेंद्र फोगाट का यह तबादला राजनीतिक दबाव के चलते किया गया है। उन्होंने चेताया कि अगर इसके बावजूद भी यह तबादला रद्द नहीं किया गया तो वह कर्मचारी आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
– प्रेम शर्मा


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