तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में हिसार के निकटवर्ती गांव लाडवा में किसानों ने आज अपनी गेहूं की फसल को ट्रैक्टरों से नष्ट कर दिया। किसान नेता राकेश टिकैत ने हाल ही में कहा था कि तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए किए जा रहे आंदोलन को कामयाब करने के लिए किसानों को अपनी एक फसल जलानी पड़ तो वे ऐसा करने को तैयार हैं।
इसके बाद से हरियाणा में कई किसानों ने अपने खेतों में खड़ी कुछ फसलों को ट्रैक्टर से नष्ट करना शुरू किया है। हालांकि बाद में श्री टिकैत समेत किसान मोर्चा के नेताओं ने किसानों से अपील की कि वह फसल नष्ट न करें और उन्होंने अभी फसलें नष्ट करने को नहीं कहा था, केवल जरूरत पड़ने पर इस हद तक जाने की बात कही थी।
हिसार जिले के गांव भाटोल जाटान के एक किसान परमजीत ने कल अपनी पांच एकड़ में खड़ गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया था। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक ये तीनों ‘काले‘ कानून वापिस नहीं होते, वह अपने खेत में कोई भी फसल की बिजाई नहीं करेंगे। खेत में खड़ फसल पर ट्रैक्टर चलाने के दौरान गांव के अनेक किसान मौके पर जमा हो गए और किसानों ने केंद की नरेंद मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। नारनौंद के एक किसान ने भी कृषि कानूनों को वापस न लेने पर सरकार के प्रति गुस्सा दिखाते हुए एक एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसको नष्ट कर दिया।


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