Haryana Assembly: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज गुरुओं की शहादत और उनके आदर्शों के स्मरण के साथ हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग भारतीय सभ्यता की उस आत्मा का प्रतीक है, जिसने सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का गुरुओं के प्रति सम्मान और श्रद्धा का यह सार्वजनिक प्रदर्शन केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संदेश पड़ोसी राज्य पंजाब तक भी जाता है, जहां सिख समाज निर्णायक भूमिका निभाता है।
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मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 25 अगस्त को इसी महान सदन में सर्वसम्मति से गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस को मनाने का संकल्प लिया गया था। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मैं इस विषय पर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहता, क्योंकि गुरु को याद करते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस दौर में महान गुरुओं ने जो कुर्बानियां दीं, वे अपने लिए नहीं बल्कि देश और समाज के लिए थीं।
CM Nayab Singh Saini

सत्र के दौरान गुरुओं की कुर्बानियों पर लंबे समय तक गंभीर चर्चा चली। इस सत्र में मुख्यमंत्री नायब सैनी केसरी रंग की पगड़ी पहनकर सदन में नजर आए, और उनका यह अंदाज पूरे सत्र में चर्चा का विषय बना रहा। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसे गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह रूप उन्हें खासा पसंद आ रहा है।


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