हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब की कांग्रेस सरकार पर किसानों के बीच अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाने के बाद अपने राज्य में किसानों के लिये उठाए गए कदमों को गिनाया और पूछा कि अमरिंदर सिंह ने उनकी तुलना में क्या काम किया है। खट्टर ने किसानों के कल्याण के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए आठ ट्वीट किए और पूछा, ”किसान विरोधी कौन है कैप्टन अमरिन्दर जी? पंजाब या हरियाणा?”
पंजाब किसान से एमएसपी पर कितनी फसल खरीदता है
खट्टर ने पंजाब के अपने एक समकक्ष से एक ट्वीट में पूछा, “प्रिय अमरिंदर जी, हरियाणा एमएसपी पर 10 फसलों की खरीद करता है- धान, गेहूं, सरसों, बाजरा, चना, मूंग, मक्का, मूंगफली, सूरजमुखी, कपास और एमएसपी का भुगतान सीधे किसान के खाते में करता है। पंजाब किसान से एमएसपी पर कितनी फसल खरीदता है ?” उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा पिछले सात वर्षों से अपने किसानों को गन्ने के लिए देश में सबसे अधिक एमएसपी का भुगतान कर रहा है।
आंदोलन के बाद ही पंजाब को हरियाणा के रास्ते पर चलने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई
सिंह ने एक सप्ताह पहले, 2021-22 के पेराई सत्र के लिए सभी गन्ना किस्मों के राजकीय सहमति मूल्य (एसएपी) में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसका जिक्र करते हुए खट्टर ने पूछा, ”किसानों के आंदोलन के बाद ही पंजाब को हरियाणा के रास्ते पर चलने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?” हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को पंजाब की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि वह उनके राज्य में किसानों को उकसा रही है, जिस पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी।
दोष मढ़ने के बजाए कृषि कानूनों को वापस लें : CM अमरिंदर
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने थोड़ी देर बाद पलटवार किया और हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित भाजपा पर आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी किसानों पर ‘‘खतरनाक हमले’’ को लेकर वे ‘‘शर्मनाक झूठ’’ बोल रहे हैं। सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘आपकी पार्टी ने किसानों को जिन परेशानियों में धकेला है उसके लिए पंजाब पर दोष मढ़ने के बजाए कृषि कानूनों को वापस लें।’’
क्या पंजाब किसान को इसी तरह का प्रोत्साहन देता है
सिंह के बयान के घंटों बाद , खट्टर ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए किसानों के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया और यह भी कहा कि हरियाणा हर उस किसान को 7,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन प्रदान करता है जो धान की खेती से दूर जाना चाहता है। उन्होंने पूछा, “क्या पंजाब किसान को इसी तरह का प्रोत्साहन देता है?”
क्या पंजाब देरी से भुगतान होने पर ब्याज का भुगतान करता है
खट्टर ने यह भी कहा कि “मंजूरी से 72 घंटे से अधिक देरी होने पर हरियाणा किसान को 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करता है। उन्होंने पूछा, “क्या पंजाब देरी से भुगतान होने पर ब्याज का भुगतान करता है?” उन्होंने यह उल्लेख भी किया कि हरियाणा प्रत्येक किसान को पराली प्रबंधन के लिए 1,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान करता है और धान की पुआल की बिक्री के लिए सहायता प्रदान करता है। उन्होंने सिंह से पूछा कि “पंजाब किसान को क्या प्रोत्साहन प्रदान करता है?”
पंजाब इस बारे में और गिरते भूजल स्तर के लिए क्या कर रहा है ?
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा ने किसानों को सिंचाई के लिए कीमती पानी के प्रबंधन के लिए 85 प्रतिशत सब्सिडी देने की सूक्ष्म सिंचाई योजना शुरू की है। उन्होंने पूछा ‘‘पंजाब इस बारे में और गिरते भूजल स्तर के लिए क्या कर रहा है ?’’ साथ ही खट्टर ने अपने राज्य में किसानों के लिए चलाई जा रही ‘‘भावान्तर भरपाई योजना’’ का जिक्र करते हुए सिंह से पूछा कि पंजाब अपने यहां के बागवानी किसानों को क्या दे रहा है ?


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