Haryana DGP Ajay Singhal: हरियाणा पुलिस के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले आज चंडीगढ़ में एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने खाकी के पीछे छिपे मानवीय मूल्यों और भारतीय संस्कारों की एक अमिट तस्वीर पेश की। 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी और IIT दिल्ली के पूर्व छात्र अजय सिंघल ने बुधवार को औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले अपने 85 वर्षीय पिता, श्री ओम प्रकाश सिंघल के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
Haryana DGP Ajay Singhal: कुर्सी पर पिता को बैठाया, लिया आशीर्वाद

पदभार ग्रहण करने के इस ऐतिहासिक क्षण को अजय सिंघल ने पूरी तरह से अपने पिता को समर्पित किया। उन्होंने सम्मानपूर्वक अपने पिता को कुर्सी पर बैठाया और झुककर उनके पैर छुए। इस भावनात्मक दृश्य ने वहां मौजूद सभी वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भावविभोर कर दिया। डीजीपी सिंघल इस दौरान काफी भावुक नजर आए। वहां उनके पुत्र भी मौजूद थे, जिससे एक ही समय में अनुशासन और मूल्यों की तीन पीढ़ियां एक साथ नजर आईं। यह पल इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि सफलता की ऊंचाई पर भी अपनी जड़ों और संस्कारों का सम्मान कैसे किया जाता है।
Haryana News Today: अपराध पर प्रहार
कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में डीजीपी सिंघल ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर होगा,
- आधुनिक कानून: केंद्र द्वारा लागू तीन नए आपराधिक कानूनों को उन्होंने आज के समय की मांग बताया और कहा कि इनसे पुलिसिंग अधिक सटीक होगी।
- जनता से जुड़ाव: पुलिस की शिकायत निवारण प्रणाली को पूरी तरह ‘ऑटोमेटिक’ बनाया जाएगा और जनता के फीडबैक को नियमित रूप से मॉनिटोर किया जाएगा।
- महिला एवं बाल सुरक्षा: उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूटी की उपलब्धता और थानों में बच्चों के लिए विशेष कक्षों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- डायल 112: आपातकालीन सेवा 112 को और अधिक मजबूत और रिस्पॉन्सिव बनाया जाएगा।
DGP Ajay Singhal From Rewari

अजय सिंघल की शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि गौरवशाली रही है। IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले सिंघल ने हमेशा सुर्खियों से दूर रहकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया। उनके पिता मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में अधिकारी रहे हैं। मूल रूप से अजय सिंघल हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले हैं, जहाँ उनका परिवार ‘हरसोरिया फैमिली’ के नाम से विख्यात है। डीजीपी नियुक्त होने पर उन्होंने गर्व से कहा, “हां, मैं रेवाड़ी से हूं। अपने ही प्रदेश में डीजीपी बनकर जनता की सेवा करना हर अधिकारी के लिए सम्मान की बात है।”
अनुभव और उपलब्धियों का सफर
31 अक्टूबर 2028 तक पद पर रहने वाले सिंघल का करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्हें वर्ष 2008 में पुलिस पदक और 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जा चुका है। उन्होंने विजिलेंस, सीआईडी (CID), रेलवे पुलिस, साइबर अपराध और केंद्र में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी काबिलियत साबित की है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपनी टीम से आह्वान किया कि वे ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश की जनता की सेवा करें।
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