डेलॉयट ने सोमवार को कहा कि उसने हरियाणा सरकार के साथ हाथ मिलाते हुये कोविड-19 के हल्के से मध्यम लक्षणों वाले मरीजों को घर पर इलाज में मदद पहुंचाने के लिये ‘संजीवनी योजना’ की शुरुआत की है। योजना की शुरुआत सबसे पहले करनाल जिले में की जायेगी।
उसके बाद अन्य प्रभावित इलाकों में भी इसे शुरू किया जायेगा। डेलॉयट ने एक बयान में यह जानकारी देते हुये कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अपनाया गया यह दृष्टिकोण लोगों को घर पर अपनी देखभाल के प्रबंधन में सहयोग व संसाधन प्रदान करेगा। इसमें प्रशासन की ओर से प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ द्वारा उचित समझे जाने पर गंभीर रोगियों को प्राथमिकता के साथ चिकित्सा देने एवं कोविड-19 फील्ड अस्पतालों की सुविधा उपलब्ध कराना भी शामिल है।
बयान के मुताबिक ‘संजीवनी योजना’ को डेलॉयट के साथ साथ पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन आफ इंडिया और हरियाणा के स्नात्कोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान द्वारा डिजाइन और समर्थन दिया गया है। डेलॉयट के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत रंजन ने कहा, ‘‘ऐसे समय जब सरकार कोविड-19 के मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है, डेलॉयट का उद्देश्य हरियाणा के लोगों को समर्थन देना और उसमें महत्वपूर्ण योगदान करना है।’’
उन्होंने कहा कि डेलायट और हरियाणा सरकार के इस गठबंधन से जो लोग घर पर ठीक हो सकते हैं, उन तक एक तरह से चिकित्सा सुविधा वार्ड का विस्तार किया जायेगा। ऐसे में अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों का इस्तेमाल अधिक गंभीर मरीजों के इलाज में किया जा सकेगा।
संजीवनी परियोजना’ ग्रामीण इलाकों में भी चिकित्सा देखभाल का विस्तार करेगी, जहां वायरस की दूसरी लहर और इसके इलाज के बारे में जागरुकता कम है। अधिकारियों का मानना है कि सही प्रक्रियाओं एवं देखभाल के साथ लगभग 90 फीसदी मरीजों का घर पर इलाज करना संभव है।


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