Haryana News: हरियाणा के अंबाला में बड़ा हादसा। 220 फुट गहरे बोरवेल में बच्चे के गिरने से मौत हो गई। बच्चे को बचाने के लिए 21 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद बुधवार तड़के बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने इस सिलसिले में खेत के मालिक और उस जमीन से जुड़े दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जहां यह बोरवेल खोदा गया था। पुलिस लापरवाही बरतने के आरोप में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है।

21 घंटे चला बचाव अभियान
निरवैर सिंह को मंगलवार सुबह शुरू हुए विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त बचाव अभियान के बाद बुधवार तड़के 3 बजकर 40 मिनट पर बोरवेल से बाहर निकाला गया और उसे तुरंत एम्बुलेंस से अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही उसकी प्रारंभिक जांच की गई थी। उन्होंने बताया कि बच्चे के जीवित होने के कोई संकेत नहीं मिले, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया और वहां आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बच्चे के शरीर पर लगी कई चोटें
डॉ. सुमित कुकरेजा उस चिकित्सकों के समूह (पैनल) के एक सदस्य हैं, जिन्होंने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया था। उन्होंने बताया कि बच्चे के शव को तड़के करीब चार बजे अस्पताल लाया गया था। उसके शरीर, विशेषकर छाती, सिर और दोनों घुटनों पर चोटों और खरोंचों के निशान मिले हैं। इसके अलावा, फेफड़ों में कीचड़ वाला पानी पाया गया।

कुकरेजा के अनुसार, मौत का कारण डूबना और चोटें लगना तय किया गया है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अंबाला जिले के धन्यौड़ा गांव में हुई। निरवैर सिंह अपने पिता मनजीत के साथ खेत में अपने दादा करनैल सिंह के लिए खाना लेकर गया था।
Haryana News: खेलने के दौरान बोरवेल में गिरा बच्चा
परिवार के अनुसार, करनैल सिंह सुबह ही खेत में काम करने चले गए थे, जबकि मनजीत बाद में उनके लिए खाना लेकर पहुंचे। निरवैर ने भी अपने पिता के साथ जाने की जिद की, जिसके बाद मनजीत उसे साथ ले गए। खेत पर पहुंचने के बाद मनजीत काम में लग गए और करनैल सिंह खाना खाने लगे। निरवैर पहले अपने दादा के पास बैठा रहा लेकिन कुछ देर बाद खेलने लगा।

खेलते-खेलते उसकी नजर खुले बोरवेल पर पड़ी और वह उसमें मिट्टी डालने लगा। माना जा रहा है कि जब वह बोरवेल के अंदर झांकने के लिए झुका, तभी आसपास की गीली मिट्टी धंस गई और उसका पैर फिसलने से वह बोरवेल में गिर गया।
Haryana News: घटनास्थल पर पहुंची प्रशासन की टीम
मनजीत ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनकर उनका ध्यान उधर गया। वह तुरंत बोरवेल के पास पहुंचे और निरवैर को आवाज लगाई। बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर सुबह करीब साढ़े सात बजे प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही उपायुक्त (डीसी) अजय सिंह तोमर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद बचाव दलों ने व्यापक अभियान चलाया गया।


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