हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिमी मानसून दस्तक दे चुका है। कई इलाकों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 1 जुलाई तक मानसून ने पूरे राज्य को कवर कर लिया है। मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक प्रदेश में मानसून के बेहद सक्रीय होने की संभावना जताई है। इसको लेकर कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मानसून पहुंचते ही मंडी जिले के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर घरों और सड़कों में जलभराव हो गया है। कई स्थानों पर टमाटर की फसल ख़राब हो गई है।
हिमाचल में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला और मंडी के ज्यादातर इलाकों में मानसून ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही कांगड़ा और सिरमौर के कुछ हिस्सों में भी मानसूनी हलचल शुरू हो चुकी है। बुधवार सुबह से ही राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। लेकिन इसके साथ ही कई मुश्किलें भी खड़ी हो गई है।
लैंडस्लाइड से चंबा-तीसा मुख्य मार्ग बंद

प्रदेश में जारी भारी बारिश के कारण गांवों के घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर पंगोला नाला के पास पहाड़ से भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे हैं, जिससे यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
मार्ग बंद होने के कारण इलाके की लगभग 25 पंचायतों का संपर्क टूट गया है और लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाकर रास्ता बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाए। इसके साथ ही, जिन घरों और रास्तों को बारिश से नुकसान पहुंचा है, वहां राहत और सुरक्षा कार्य में तेजी लाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह लगातार होती रही, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इस बीच, प्रशासन ने भी आम जनता से अपील की है कि मौसम साफ होने तक वे किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा से बचें।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में ऐसे मौसम में लैंडस्लाइड का खतरा काफी बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई है।


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