हरियाणा के गुरुग्राम में डीएलएफ फेस-1 से 5 तक सबसे बड़ी सीलिंग की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीम शुक्रवार को इस क्षेत्र में अवैध निर्माण और रिहाइशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू करने पहुंची थी। हालांकि, मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया, जहां से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी हुआ। कोर्ट ने अगले कुछ सप्ताहों के लिए इस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद डीएलएफ क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया।
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यह कार्रवाई हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद शुरू हुई थी, जिसमें विभाग को डीएलएफ क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत कमर्शियल गतिविधियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में विभाग ने पहले नोटिस जारी किए और लोगों को निर्माण को बहाल करने का समय दिया। इसके बाद 11 दिनों तक चलने वाला सीलिंग अभियान शुरू करने की योजना बनाई गई थी, जो शुक्रवार से शुरू होना था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह अभियान स्थगित हो गया।
डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानिंग (डीटीपी) इनफोर्समेंट अधिकारी अमित मधोलिया ने कहा, “हमें हाई कोर्ट से डीएलएफ के आवासीय क्षेत्रों में हो रहे उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश मिले थे। इनमें अवैध निर्माण और अनधिकृत उपयोग दोनों शामिल हैं। हमने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया, नोटिस जारी किए, बहाली के आदेश पारित किए और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 11 दिन का सीलिंग अभियान शुरू करने का फैसला किया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है, इसलिए हम अगले निर्देश का इंतजार करेंगे और उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे।”
निवासियों का कहना है कि यह रोक उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि सीलिंग से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार प्रभावित हो सकते थे।


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