जींद : जाटों ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा के बैनर तले शनिवार को राज्य स्तरीय बैठक में निर्णय लिया कि यदि प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर तक उनकी मांगों को लागू नहीं किया तो 16 दिसंबर को जींद में प्रस्तावित राज्य स्तरीय रैली के दौरान बड़ा निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए सीधे-सीधे सरकार जिम्मेदार होगी। शहीदी पार्क में आयोजित इस बैठक में चेतावनी भरे शब्दों में प्रदेश संयोजक भरत सिंह बैनीवाल और जिला प्रधान वीरभान ढुल ने राज्य कार्यकारिणी मिटिंग को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह रैली पहले 18 दिसम्बर को प्रस्तावित थी परन्तु अब 16 दिसम्बर को निश्चित की गई है।
बैठक की अध्यक्षता ओम सिंह सांगवान ने की। इस मौके पर किताब सिंह भनवाला, प्यारेराम ढांडा ने कहा कि जाट समाज मांगों को लेकर 188 दिन से लघुसचिवालय के बाहर धरने पर बैठा है। किंतु सरकार अनदेखी करते हुए उनके सब्र का इम्तिहान ले रही है। भनवाला ने कहा कि 16 की रैली को लेकर जिले स्तर पर टीमों का गठन होगा। इसमें जिला जीन्द की टीम की अगुवाई वीरभान ढुल, किताब सिंह भनवाला, कैथल में भरत सिंह बैनीवाल व ईश्वर सिंह गिल, भिवानी में संदीप मल्लाहन, सत्यवान, राज सिंह धनाना, हिसार में कृष्ण किरमारा व बलजीत सिंह पुठी, झज्जर में दिलबाग सिंह दलाल व हवा सिंह पहलवान, सोनीपत में ब्रह्म प्रकाश, बलराम उदेशीपुर व राजेश दहिया तथा रोहतक की अगुवाई प्रो. राजेश, सुमीत सरपंच मकडोली व राज सिंह ढाका करेगें।
इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे चौधरीः ईश्वर कंडेला, जयनारायण जिलेदार, प्यारेलाल देशवाल, पालाराम बीबीपुर ने बताया कि प्रदेश व केन्द्र सरकार ने जाटो समेत 6 जातियों आरक्षण देने, आन्दोलन के सभी मुकदमें वापिस लेने, मृतकों के आश्रितों को सरकारी पक्की नौकरी देने तथा आन्दोलन को भडकाने वाले सांसद सैनी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग चार बार मानने के बावजूद सरकार पूर्णतया मुकर चुकी है। सरकार के साथ यशपाल मलिक भी मिला हुआ है जोकि समाज को गुमराह करने पर लगा हुआ है।
जाटों ने सरकार के खिलाफ फिर से खोला मोर्चा
– संजय शर्मा


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