चंडीगढ़,आहूजा : हरियाणा में शनिवार का दिन इंडियन नेशनल लोकदल और जजपा की राजनीति के नाम रहा। जहा इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि विधायक रामकुमार गौतम के इस्तीफे के बाद जजपा के बाकी विधायको की नाराजगी सामने आएगी और पार्टी अगले छह माह में समाप्त हो जाएगी वही जजपा ने इस बयान के बाद दावा किया कि जजपा की टीम अगले दो चार दिन में गौतम को मना लेगी।
जजपा के सूत्रों ने कहा कि एक टीम गौतम औऱ उनके पुत्र में सम्पर्क में है और उनहे जल्दी मना लेने की उम्मीद है। सूत्रो ने कहा कि गौतम ब्राह्मण होने के कारण हमेशा उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की प्राथमिकता रहे है। उन्हें शुरूआत में ही मंत्री पद देने की योजना थी लेकिन गठबंधन के बीच एकदम फैसला नही किया जा सका।
सूत्रों ने कहा कि राज्य में कई निगम औऱ बोर्ड के चेयरमैन पद केबिनेट मंत्री से भी अधिक ताकत देने वाले है। जल्दी ही बाकी विधायको को इनमे पद देकर सक्रिय किया जाएगा। दुष्यंत और नारनोद से गौतम के मुकाबले चुनाव हारने वाले भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु के बीच मिलीभगत के आरोप पर सूत्रों ने कहा कि दुष्यंत का पूरा परिवार गौतम के प्रचार में जुटा था।
अनूप धानक होंगे पावरफुल, सीएम के साथ अटैच करने की तैयारी
भाजपा-जजपा गठबंधन में राज्य मंत्री अनूप धानक को भी पावरफुल करने की तैयारी है। अनूप धानक को जहां दुष्यंत चौटाला अपने कुछ विभाग प्रदान कर सकते हैं, वहीं उन्हें मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ भी कुछ विभागों में अटैच किया जा सकता है। धानक जजपा का दलित चेहरा हैं, जिसके जरिये पार्टी सभी बिरादरियों को साथ लेकर चलने का संदेश देना चाहती है।
गौतम के आरोपी पर हुआ मंथन
रामकुमार गौतम के उस आरोप पर भी जजपा में मंथन हुआ है, जिसमें कहा गया है कि भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु और अजय सिंह चौटाला के बीच कोई समझौता हुआ है। जजपा का मानना है कि कैप्टन पार्टी के निशाने पर पूरे समय रहे।
21 दिन के चुनाव प्रचार में जजपा नेताओं ने नौ दिन अकेले कैप्टन को हराने तथा रामकुमार गौतम को जिताने में खर्च किए हैं। कैप्टन के अधिकतर विभाग, उनका दफ्तर और कोठी तक दुष्यंत चौटाला ने इसी भावना से अपने पास रखी, ताकि यह संदेश साफ रहे कि कैप्टन पार्टी के निशाने पर हैं।


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