Kalka New Delhi Shatabdi Express: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शताब्दी एक्सप्रेस को निर्धारित समय से पहले बिना किसी पूर्व घोषणा के चला दिया गया। इस गंभीर लापरवाही के मामले में लोको पायलट के खिलाफ जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) ने केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस अपने तय समय पर प्लेटफॉर्म से रवाना होनी थी, लेकिन आरोप है कि लोको पायलट ने बिना स्टेशन अधीक्षक की अनुमति और बिना यात्रियों को सूचित किए ट्रेन को पहले ही चला दिया। उस समय कई यात्री अभी प्लेटफॉर्म पर थे और कुछ यात्री ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। अचानक ट्रेन के चलने से यात्रियों में घबराहट फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
Train Accident: क्या है पूरा मामला?
इस दौरान ट्रेन में चढ़ रहे कई यात्री संतुलन बिगड़ने से प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। हादसे में कुछ यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। घायलों में बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। सौभाग्य से कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Loco Pilot Negligence: घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक जांच के बाद लोको पायलट की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जीआरपी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Chandigarh Railway Station: दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई! (Kalka New Delhi Shatabdi Express)
रेलवे प्रशासन ने भी इस हादसे की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर ट्रेन संचालन से जुड़े सभी नियमों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद यात्रियों में रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी गई। यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए।
यह भी पढ़ें: जेल में ही रहेंगे दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत























