अपहरण कर मांगी थी 25 लाख की फिरौती
हिसार व आसपास के जिलों में भय व आतंक का पर्याय बने व लगभग 35 जघन्य अपराधों में संलिप्त रहे आरोपी ईन्द्र गुर्जर को आज अदालत में आजीवन कारावास की सजा सुनाकर एक साल पहले के अपहरण मामले में 60 हजार रूपए जुर्माना किया है। अपहरण फिरौती और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धारायों में दोषी ठहराए गए इंद्र गुर्जर को धारा 364 के तहत अपहरण करने में उम्र कैद की गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर हुड्डा की अदालत ने अपहरण के मामले के अलावा फिरोती मांगने के दोष में 5 साल की सजा व 10000 रूपए जुर्माना किया है। इसके अतिरिक्त अपहरण मामले में 50000 रूपए पर जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त सजा का आदेश दिया है।
अदालत ने धारा 326 के तहत छ माह 341 में एक माह व 342 में 6 माह की कैद की है। 2 अगस्त 2016 के इस मामले में पीएलए निवासी सब्जी व्यापारी सुनील बजाज ने शहर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में कहा था कि उसकी कार के आगे स्कोर्पियो गाड़ी लगा कर अपहरण कर उठा कर ले गए तथा छोडऩे के बदले पचीस लाख रुपए की मांग की गई। जिसमें 10 लाख रूपये अपह्रता से वसूल कर लिए थे।
पुलिस ने सुनील बजाज की शिकायत पर इंद्र गुर्जर सहित उसके दो साथियों सुनील और सोनू के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था अदालत में एक साल तक चलेे अभियोग की तमाम गवाही व सुनवाई पूरी होने के बाद आज मुख्य आरोपी इंद्र गुर्जर को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद व साठ हजार रूपए जुर्माना किया गया जबकि अन्य धाराओं में की गई सजा उम्रकैद के साथ ही चलने का आदेश दिया गया इस मामले में अदालत ने सुनील व सोनू को साक्ष्यों के अभाव का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
उलेखनीय है कि पुलिस ने पिछले साल इंन्द्र गुज्जर को गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के नजदीक विकास नगर से धर-दबोचने में कामयाबी हासिल की थी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए ईन्द्र गुज्जर पुत्र नथूराम वासी ढ़ाणी स्यामलाल को धर दबोचा था। जिसकी तलाशी लेने पर एक अवैध राईफल 315 बोर, 2 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल 315 बोर व दो जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की थी।


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